अंबिकापुर, 13 सितम्बर 2026। शहर के पटपरिया इलाके में एक 19 वर्षीय बीए प्रथम वर्ष की छात्रा ने घर के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा की पहचान अंतरा शाह के रूप में हुई है। वह करीब छह महीने पहले पढ़ाई के लिए अंबिकापुर आई थी और अपने जीजा के घर रहकर पीजी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। वहीं परिजनों ने एक एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता पर छात्रा को कथित रूप से ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, अंतरा शाह रात के समय बिस्तर पर नहीं थी। उसके जीजा नीलेश कुमार गुप्ता ने बताया कि अंतरा बाथरूम जाने की बात कहकर निकली थी। काफी देर तक वापस नहीं आने पर उन्होंने अपनी पत्नी को उसे देखने के लिए भेजा। जब पत्नी ने बाथरूम की खिड़की से अंदर झांका तो अंतरा का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ दिखाई दिया। इसके बाद घर में हड़कंप मच गया और घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
परिजनों के अनुसार, घटना से पहले अंतरा सामान्य थी और परिवार के लोगों से हंसकर बातचीत कर रही थी। अचानक उसने यह कदम क्यों उठाया, इसे लेकर परिवार के लोग भी हैरान हैं। इसी बीच छात्रा की सहेलियों से मिली जानकारी के आधार पर परिवार ने एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता ज्ञान तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
छात्रा के जीजा नीलेश गुप्ता का कहना है कि सहेलियों ने उन्हें बताया कि ज्ञान तिवारी के पास अंतरा की कुछ चैट और वीडियो थे। आरोप है कि इन्हें उसके परिवार वालों को दिखाने की धमकी देकर अंतरा को कथित रूप से ब्लैकमेल किया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिजनों को आशंका है कि छात्रा पर किसी तरह का दबाव या मानसिक परेशानी रही होगी, जिसके चलते उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि छात्रा की मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
फिलहाल छात्रा की मौत के बाद लगाए जा रहे ब्लैकमेलिंग के आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है। पुलिस द्वारा घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। छात्रा के मोबाइल फोन, चैट, वीडियो तथा अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आत्महत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और क्या किसी प्रकार के दबाव या ब्लैकमेलिंग की भूमिका थी।







