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धमतरी में साइबर जागृति अभियान का असर, 1,000 से ज्यादा नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाव की दी जानकारी

धमतरी, 13 सितम्बर 2026। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत धमतरी पुलिस ने अभियान के चौथे सप्ताह में जिलेभर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। पुलिस टीमों ने महिलाओं, छात्राओं, युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, ATM फ्रॉड, OTP और UPI PIN की धोखाधड़ी, फर्जी कॉल-लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग और लोन फ्रॉड से बचने के तरीके बताए। विभिन्न कार्यक्रमों में 1,000 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की।

यह अभियान पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में चलाया जा रहा है। अभियान के चौथे सप्ताह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी कुरूद, एसडीओपी नगरी और डीएसपी साइबर के मार्गदर्शन में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने जिले के अलग-अलग थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।

धमतरी पुलिस की टीमों ने अर्जुनी, रुद्री, कुरूद, करेली बड़ी, केरेगांव, अकलाडोंगरी, नगरी, सिहावा, दुगली, मेचका, बोराई, बिरेझर और भखारा सहित विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। रुद्री के पॉलिटेक्निक कॉलेज, गंगरेल और नवागांव, कुरूद के बाजार एवं बस स्टैंड, करेली बड़ी के विभिन्न स्थानों तथा बोराई साप्ताहिक बाजार में पुलिस ने लोगों से सीधे संवाद किया।

जागरूकता कार्यक्रमों में नागरिकों को बताया गया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर OTP और बैंक डिटेल मांगी जाती है तो कभी फर्जी लिंक भेजकर खाते से रकम निकाल ली जाती है। इसके अलावा सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने, फर्जी प्रोफाइल बनाने और आसान लोन का झांसा देकर ठगी करने जैसे मामलों से भी लोगों को सावधान किया गया।

महिलाओं और छात्राओं को विशेष रूप से स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउजिंग के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने स्मार्टफोन की प्राइवेसी सेटिंग सुरक्षित रखने, मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने, सोशल मीडिया अकाउंट में सुरक्षा संबंधी फीचर सक्रिय रखने और अनजान वेबसाइट या लिंक से बचने की सलाह दी। ऑनलाइन उत्पीड़न, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल या किसी अन्य साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत करने की भी समझाइश दी गई।

धमतरी पुलिस ने नागरिकों से कहा कि OTP, UPI PIN, ATM या डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक खाता विवरण, पासवर्ड और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करें और अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन शेयर करने या कोई एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचें। किसी परिचित या दोस्त के नाम से ऑनलाइन पैसे की मांग आने पर पहले फोन कर या व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर इसकी पुष्टि करने की सलाह भी दी गई।

पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने पर देरी नहीं करने की अपील की है। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने के साथ संबंधित थाना या साइबर सेल को सूचना देने की सलाह दी गई। नागरिक National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। पुलिस के मुताबिक, समय पर शिकायत मिलने से ठगी गई रकम को रोकने और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए प्रभावी प्रयास किए जा सकते हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस का “साइबर जागृति अभियान” 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान अलग-अलग वर्गों को साइबर अपराधों और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अभियान से जुड़ें और साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता और जागरूकता है। अपनी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें, किसी अनजान लिंक पर भरोसा न करें और साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

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