रायपुर, 11 सितम्बर 2026। लगातार बारिश के बाद शहर की खराब हुई सड़कों की मरम्मत की प्रक्रिया नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने शुरू कर दी है। नगर निगम ने 36 सड़कों की मरम्मत के लिए नगरीय प्रशासन विभाग से करीब 21 करोड़ रुपए की मंजूरी मांगी है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर जारी कर निर्माण और मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। वहीं, पीडब्ल्यूडी ने एक हजार से अधिक सड़कों के पेच रिपेयर और डामरीकरण के लिए करीब 14 करोड़ रुपए की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों विभागों को मिलाकर सड़कों की मरम्मत पर करीब 35 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
लगातार बारिश के कारण शहर की कई सड़कों की डामर की परत उखड़ गई है। कई जगह बजरी सड़क की सतह पर फैल गई है, जबकि सड़क के किनारे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। विभागीय टीमें अब ऐसे स्थानों को चिह्नित कर रही हैं। कम क्षतिग्रस्त हिस्सों में पेच रिपेयर किया जाएगा, जबकि ज्यादा खराब सड़कों पर डामरीकरण कर नई मजबूत लेयर डाली जाएगी।
बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख मार्गों की स्थिति खराब हुई है। तेलीबांधा मरीन ड्राइव के दोनों ओर, गोगांव रोड, डीआरएम कार्यालय से भनपुरी रेलवे क्रॉसिंग और पुरानी धमतरी रोड सहित कई हिस्सों में डामर निकलने से बजरी सतह पर आ गई है। भारी वाहनों की आवाजाही से इन सड़कों की स्थिति और बिगड़ रही है। सड़क सूखने के बाद ढीली बजरी वाहनों के पहियों से उछलने के साथ धूल भी उड़ा रही है। ऐसे स्थानों पर केवल गड्ढे भरने के बजाय कमजोर सतह को हटाकर मजबूत लेयर बिछाई जाएगी।
शहर में सड़क के गड्ढों के साथ मुख्य मार्गों पर बैठे मवेशी भी हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से वे दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालकों के लिए अचानक खतरा पैदा हो जाता है। रात के समय सड़क पर बैठे गाय-बैलों के कारण भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सामाजिक कार्यकर्ता नंदलाल साहित्य ने कलेक्टर को आवेदन देकर शहर की सड़कों और वार्डों का सर्वे कराने, गड्ढों की मरम्मत करने तथा सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पीडब्ल्यूडी के एससी राजीव नशीने के मुताबिक बारिश के बाद सड़कों के पेचवर्क और रिपेयर के लिए शासन से 14 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है और टेंडर फाइनल होने के बाद जल्द ही मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।







