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JBCCI-XII के गठन पर फिर पेच, कोल इंडिया के पे अपग्रेडेशन पर DPE की आपत्ति से बढ़ी चिंता

कोरबा। कोल इंडिया में 12वें संयुक्त द्विपक्षीय समिति (JBCCI-XII) के गठन की प्रक्रिया एक बार फिर पेचीदा होती नजर आ रही है। कोयला कर्मचारियों के आगामी वेतन समझौते के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही JBCCI-XII के गठन को लेकर 24 सितंबर 2026 को हुई महत्वपूर्ण बैठक के फैसले पर अब सबकी नजर है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के सीएमडी शामिल हुए और कोल इंडिया के अधिकारियों के वेतनमान में किए गए बदलावों, विशेषकर पे अपग्रेडेशन, का मुद्दा भी चर्चा में रहा।

रिपोर्ट के मुताबिक, लोक उद्यम विभाग (DPE) ने कोल इंडिया के अधिकारियों के वेतनमान में किए गए कुछ बदलावों पर आपत्ति जताई है। खास तौर पर E1 से E7 तक के वेतनमान में किए गए ऊपर की ओर बदलाव को लेकर सवाल उठाए गए हैं। DPE ने वर्ष 2017 में निर्धारित और स्वीकृत ग्रेड संरचना के संदर्भ में संशोधित वेतनमानों की समीक्षा की है। उपलब्ध रिपोर्ट में E6 और E7 सहित उच्च ग्रेड के वेतनमानों में किए गए बदलावों को लेकर DPE की आपत्ति का उल्लेख किया गया है।

बताया गया है कि कोल इंडिया ने 9 फरवरी 2026 को अपने अधिकारियों के वेतनमान में किए गए अपग्रेडेशन से संबंधित जानकारी साझा की थी। इसके बाद कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया की ओर से संशोधित वेतनमान से संबंधित आदेश जारी किए गए। DPE ने इन बदलावों को वर्ष 2017 में निर्धारित वेतन संरचना के संदर्भ में अलग पाया है और इस मामले में कोयला मंत्रालय से अनुपालन रिपोर्ट मांगे जाने की बात सामने आई है।

इस पूरे विवाद का असर JBCCI-XII के गठन की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, कोल इंडिया की ओर से JBCCI-XII के गठन की अनुमति के लिए कोयला मंत्रालय को भेजा जाने वाला पत्र फिलहाल लंबित है। अब बैठक में हुए विचार-विमर्श और आगे लिए जाने वाले निर्णय के आधार पर इस संबंध में अगला कदम तय होने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि JBCCI-XI की अवधि 30 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है। कोल इंडिया के लाखों गैर-अधिकारी कर्मचारियों के लिए आगामी वेतन समझौते की प्रक्रिया शुरू करने में JBCCI-XII का गठन अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में अधिकारियों के पे अपग्रेडेशन से जुड़ा विवाद अब केवल वेतनमान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर कोयला कर्मचारियों के अगले वेतन समझौते की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है।

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