रायपुर, 25 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की स्थिति अब सामान्य से बेहतर हो गई है। 25 सितंबर तक प्रदेश में 100.1 प्रतिशत सामान्य वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 25 सितंबर तक राज्य में औसतन 1082.4 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि पिछले 10 वर्षों के आधार पर इस अवधि में औसत वर्षा 1081.5 मिलीमीटर मानी जाती है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से थोड़ी अधिक बारिश दर्ज हुई है।
पिछले 24 घंटों में भी मानसून की सक्रियता बनी रही और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में औसतन 52.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। खासतौर पर बस्तर संभाग और प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में बादल जमकर बरसे। लगातार बारिश के चलते कई क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति भी बनी हुई है, जिसे देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग निगरानी कर रहे हैं।
बलरामपुर में सामान्य से 69.4 प्रतिशत अधिक बारिश
जिलेवार आंकड़ों में बलरामपुर सबसे अधिक वर्षा वाले जिलों में शामिल है। यहां अब तक 1527.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य वर्षा का 169.4 प्रतिशत है। यानी जिले में सामान्य की तुलना में काफी अधिक बारिश हुई है।
वहीं कुल बारिश की मात्रा के लिहाज से नारायणपुर प्रदेश में सबसे आगे है। यहां अब तक 1600.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। बस्तर संभाग के कई जिलों में मानसून की सक्रियता का असर साफ दिखाई दे रहा है।
बस्तर में एक दिन में 188.2 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान बस्तर जिले में 188.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि में प्रदेश के प्रमुख आंकड़ों में सबसे अधिक है। इसके बाद कोंडागांव में 161.8 मिलीमीटर, नारायणपुर में 151.9 मिलीमीटर और गरियाबंद में 110.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इन जिलों में हुई भारी बारिश के कारण नदी-नालों और जलस्रोतों के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है
रायपुर समेत कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी मानसून ने सामान्य से अधिक बारिश दर्ज कराई है। रायपुर जिले में 1180.2 मिलीमीटर, यानी सामान्य का 129.5 प्रतिशत बारिश हुई है। गरियाबंद में 1357.7 मिलीमीटर (126.5%), धमतरी में 1201.7 मिलीमीटर (113.4%), महासमुंद में 1204.2 मिलीमीटर (121.7%) और बालोद में 1192.1 मिलीमीटर (115%) वर्षा दर्ज की गई है।
इसी तरह बिलासपुर संभाग के मुंगेली में 1026.5 मिलीमीटर (108.8%) और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1161.3 मिलीमीटर (134.1%) बारिश रिकॉर्ड हुई है। सूरजपुर जिले में भी 1173.6 मिलीमीटर, यानी सामान्य का 111.2 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है।
इन जिलों में सामान्य से कम बारिश
हालांकि प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ जिलों में अब भी वर्षा सामान्य से कम है। सरगुजा में 606.6 मिलीमीटर (75.5%), जशपुर में 828.7 मिलीमीटर (79.7%), कबीरधाम में 672 मिलीमीटर (82.2%) और बेमेतरा में 597.1 मिलीमीटर (74.5%) बारिश हुई है।
कांकेर में 1110.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, लेकिन यह सामान्य का 75.9 प्रतिशत है। इसी तरह मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 74.7 प्रतिशत और बीजापुर में 78.7 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।
इसके बावजूद बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और राजनांदगांव समेत कई जिलों में कुल वर्षा सामान्य के आसपास बनी हुई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की निगरानी जारी
प्रदेश में बारिश की स्थिति को देखते हुए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार नदियों के जलस्तर, वर्षा और संभावित बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहा है। जिन इलाकों में हाल के दिनों में भारी बारिश हुई है, वहां निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मानसून सीजन के अंतिम चरण में प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंचने के बाद जल संसाधनों और जलाशयों की स्थिति पर भी प्रशासन की नजर है। भारी बारिश वाले जिलों में स्थानीय प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।







