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काबू से बाहर हुई एआई तो बेकार है इसकी रेस! माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्या नडेला ने दी बड़ी चेतावनी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की तेज रेस पर अब माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने भी अपनी राय रखी है. नडेला का कहना है कि एआई के विकास की रफ्तार इतनी तेज नहीं होनी चाहिए कि सेफ्टी पीछे छूट जाए और तकनीक इंसानों के नियंत्रण से बाहर हो जाए. उन्होंने साफ कहा कि अगर बनाई जा रही एआई इंसानियत की मदद नहीं करती और ह्यूमन कंट्रोल में नहीं रहती तो उसे आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है. नडेला ने एआई सेफ्टी, सही अलाइनमेंट और ज्यादा लोगों की भागीदारी पर जोर दिया है.

एआई पर इंसानों का कंट्रोल जरूरी
सत्या नडेला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सुपरइंटेलिजेंस की दिशा में आगे बढ़ने से पहले एक बुनियादी सवाल होना चाहिए. उनके मुताबिक, अगर बनाई जा रही एआई इंसानियत की मदद नहीं करती और इंसानों के नियंत्रण में नहीं है तो उसे आगे बढ़ाना सही नहीं है. नडेला एआई की रेस को पूरी तरह रोकने की बात नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि सही सेफ्टी मैकेनिज्म तैयार करने के लिए सोच-समझकर रफ्तार तय करना जरूरी है. उन्होंने एआई अलाइनमेंट को सही करने के लिए डेलिबरेट पेसिंग की जरूरत पर भी सहमति जताई और ऐसे एंबेडेड इवैलुएटर्स के विचार का समर्थन किया, जो एआई सिस्टम्स की निगरानी कर सकें और सेफ्टी सिद्धांतों को लागू करने में मदद करें.

एंथ्रोपिक से शुरू हुई धीमी रफ्तार की बहस
एआई के विकास को धीमा करने की बहस एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई की चेतावनी के बाद तेज हुई. अमोदेई ने कहा था कि एआई क्षमताओं के तेजी से बढ़ने की रफ्तार को कम करने की जरूरत है. उन्होंने स्वतंत्र थर्ड पार्टी इवैलुएटर्स को एआई लैब्स में कर्मचारियों जैसा एक्सेस देने का प्रस्ताव भी रखा था, ताकि यह जांचा जा सके कि कंपनियां अपने सेफ्टी उपायों का सही तरीके से पालन कर रही हैं या नहीं. ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अमोदेई की बात से सहमति जताई और कहा कि ओपनएआई भी इंडिपेंडेंट इवैलुएटर्स को अपनाएगी. एलन मस्क ने भी एंथ्रोपिक सीईओ के रुख का समर्थन किया. अब नडेला के बयान के बाद माइक्रोसॉफ्ट भी इस चर्चा में शामिल हो गया है.

कुछ कंपनियों के हाथ में नहीं होना चाहिए एआई कंट्रोल
नडेला के लिए एआई सेफ्टी सिर्फ विकास की रफ्तार का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि एआई का कंट्रोल किसके पास हो. उन्होंने कहा कि यह तकनीक कुछ चुनिंदा संस्थाओं के नियंत्रण में नहीं होनी चाहिए. नडेला का मानना है कि एआई इकोसिस्टम में अलग-अलग देशों, इंडस्ट्रीज और एकेडेमिया की ज्यादा भागीदारी होनी चाहिए.

वह क्लोज्ड और ओपन सोर्स दोनों तरह के एआई मॉडल्स के विकास के पक्ष में हैं. उनका तर्क है कि कंपनियां और यूजर्स हमेशा के लिए कुछ चुनिंदा एआई प्रोवाइडर्स पर निर्भर न हो जाएं. उन्होंने पहले भी कहा था कि कंपनियां एआई के लिए दो बार कीमत चुका सकती हैं, पहले तकनीक के एक्सेस के लिए और फिर अपने कीमती इंटरनल नॉलेज को एआई के इस्तेमाल के दौरान साझा करके.

माइक्रोसॉफ्ट लाएगा अपने एआई मॉडल्स के लिए नियम
सत्या नडेला ने कहा है कि माइक्रोसॉफ्ट अपने फर्स्ट पार्टी एमएआई मॉडल्स के लिए एक कोड ऑफ कंडक्ट तैयार करेगा और इसे पब्लिक कंसल्टेशन के लिए जारी करने की योजना है. नडेला का कहना है कि कंपनियों और संगठनों को अपना लर्निंग लूप कंट्रोल करने और एआई के आसपास तैयार किए जाने वाले नॉलेज व मॉडल सिस्टम्स पर अधिकार बनाए रखने में सक्षम होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि संगठनों को अपना नॉलेज एआई मॉडल्स में शामिल करने और जिन मॉडल वेट्स का इस्तेमाल करते हैं, उन पर कंट्रोल रखने की सुविधा मिलनी चाहिए.

यह बहस ऐसे समय में तेज हुई है जब एंथ्रोपिक के रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने इस्तीफे के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि एआई बनाने वाले लोग गंभीरता से मानते हैं कि दशक के अंत तक एआई इंसानों के लिए घातक साबित हो सकती है. एंथ्रोपिक के एलाइन्मेंट साइंस लीड इवान हबिंगर ने भी इस चिंता से सहमति जताई और अगले दशक में इसके 10 प्रतिशत से ज्यादा होने की व्यक्तिगत संभावना बताई.

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