कोरबा। अब संदिग्ध या चोरी के वाहन की जानकारी लेने के लिए पुलिस से संपर्क करने की आवश्यकता नहीं होगी। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन या चेचिस नंबर मोबाइल में डालते ही पूरा डेटाबेस सामने आ जाएगा। चोरी के वाहनों की पहचान और अपराध नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से यह सुविधा शुरू की गई है।
सोमवार को अपने पहले कोरबा प्रवास पर पहुंचे रामगोपाल गर्ग ने एसपी कार्यालय के कांफ्रेंस हॉल में ‘सशक्त ऐप’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर सिद्धार्थ तिवारी, लखन पटले, नीतिश ठाकुर सहित जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी एवं थाना-चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
आईजी गर्ग ने बताया कि सशक्त ऐप चोरी के वाहनों को ट्रैक करने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक स्मार्ट तकनीकी टूल है। इसके माध्यम से संदिग्ध वाहनों की त्वरित पहचान संभव होगी, जिससे पुलिस को तत्काल जानकारी मिल सकेगी और तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इस ऐप का उपयोग पुलिस के साथ-साथ आम नागरिक भी कर सकेंगे। यदि किसी वाहन के चोरी का होने की पुष्टि होती है, तो नागरिक पुलिस को सूचना देकर अपराध नियंत्रण में सहयोग कर सकते हैं।
यह ऐप पुलिस चेकिंग के दौरान चोरी के वाहनों की पहचान को सरल और तेज बनाएगा, जिससे बरामदगी की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी। ऐप के जरिए न केवल कोरबा बल्कि छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में चोरी हुए वाहनों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।
इसके बाद आयोजित क्राइम मीटिंग में आईजी गर्ग ने जिले की भौगोलिक स्थिति एवं अपराध परिदृश्य की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, बीट सिस्टम को सुचारू व प्रभावी ढंग से संचालित करने, आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर त्वरित कार्रवाई करने, चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों में घटना के दिन ही एफआईआर दर्ज कर त्वरित विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संगठित गिरोहों द्वारा की गई वारदातों में संगठित अपराध की धारा जोड़ने तथा जनता से अच्छा व्यवहार रखने पर विशेष जोर दिया।
आईजी गर्ग ने बताया कि पुलिसिंग में तकनीक के अधिकतम उपयोग के तहत सशक्त ऐप के बाद शीघ्र ही ‘अनुभव’ नाम से एक क्यूआर कोड आधारित प्रणाली भी शुरू की जाएगी। यह क्यूआर कोड सभी थानों में लगाया जाएगा, जिसे स्कैन कर आम नागरिक थाना गतिविधियों, पुलिस की कार्यप्रणाली और व्यवहार को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। यह फीडबैक सीधे आईजी कार्यालय पहुंचेगा, जिस पर त्वरित कार्रवाई कर कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार किया जाएगा।


