नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी रिपब्लिक डे परेड से पहले वॉर मेमोरियल पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि दी. थोड़ी देर बाद कर्तव्य पथ पर परेड की शुरुआत होगी. भारत सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में अपनी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य ताकत की झलक दिखाएगा. इस दौरान हाल ही में गठित नई सैन्य इकाइयों और ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल भी प्रदर्शित किए जाएंगे. यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.
कर्तव्य पथ पर होने वाला यह कार्यक्रम ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने की थीम पर आधारित होगा. इसकी अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी. समारोह सुबह 10.30 बजे शुरू होगा और करीब 90 मिनट तक चलेगा. इस बार का खास आकर्षण भारतीय सेना का पहली बार पेश किया जा रहा ‘चरणबद्ध युद्ध संरचना’ (Phased Battle Array) प्रदर्शन होगा. इसमें ड्रोन, टैंक और तोपखाने को ऐसे युद्ध अभ्यास स्वरूप में दिखाया जाएगा, जो असली युद्ध के हालात को दर्शाता है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और संविधान को भारत के लोकतंत्र, एकता और राष्ट्रीय चरित्र की नींव बताते हुए उस पर भरोसा दोहराया. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने गणराज्य के निर्माता दूरदर्शियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और सशस्त्र बलों के साहस और बलिदान को सलाम किया. राजनाथ सिंह ने मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील भारत बनाने के लिए सामूहिक संकल्प की अपील की. सिक्किम की बर्फ से ढकी घाटी में 16,000 फीट की ऊंचाई पर गर्व और देशभक्ति के जोश के साथ 2026 का गणतंत्र दिवस मनाया गया.


