(कोरबा) छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ ने एसईसीएल कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय के सामने किया जोरदार प्रदर्शन
- प्रदर्शनकारियों ने सीएमडी और कुसमुंडा जीएम का फूंका पुतला
कोरबा: कोरबा-पश्चिम में प्रदर्शन का मुख्य कारण बताते हुए कहा जा रहा हैं की एसईसीएल प्रबंधन द्वारा लिखित समझौते के बावजूद आंदोलनकारी नेता प्रशांत झा सहित 13 भू-विस्थापितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाना है। यह कार्यवाही विगत दिनों की घटना से जुड़ी है। जिसमे किसान सभा और भू-विस्थापित संघ के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने कुसमुंडा खदान में 12 घंटे तक कोयला परिवहन रोक दिया था।
देर शाम प्रबंधन के साथ सहमति बनने के बाद हड़ताल समाप्त हुई थी। प्रबंधन ने कुछ भू-विस्थापितों के लंबित रोजगार मामलों को हल करने की सहमति भी दी थी। इसके बावजूद प्रबंधन ने 13 लोगों पर एफआईआर दर्ज करवा दी। - 7 मई के बाद हड़ताल की जाएगी और तेज
छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने चेतावनी दी है कि अगर 10 दिनों में होने वाली वार्ता में कोई समाधान नहीं निकला, तो 7 मई को खदान बंद कर हड़ताल और तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे अपने हक की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ेंगे।
प्रदर्शन के दौरान कुसमुंडा पुलिस मौके पर मौजूद रही। पुतला दहन की सूचना एसईसीएल के अधिकारियों और कर्मचारियों को दी गई थी। प्रदर्शन में सुमेंद्र सिंह कंवर, जय कौशिक, दामोदर श्याम, रेशम यादव, रघु यादव सहित बड़ी संख्या में भू-विस्थापित और ग्रामीण शामिल थे।


