जांजगीर-चांपा, 3 अक्टूबर 2026। साइबर अपराधों से बचाव और आमजन को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष ‘साइबर जागृति’ अभियान को प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय सफलता मिली है। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चले इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जांजगीर-चांपा पुलिस ने पूरे छत्तीसगढ़ में 7वां स्थान प्राप्त किया। अभियान के दौरान विभिन्न माध्यमों से जिले में 32 लाख से अधिक लोगों तक साइबर जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय IPS के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार के मार्गदर्शन और CSP जांजगीर योगिता बाली खापर्डे के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। पुलिस ने गांवों से लेकर शहरों, स्कूल-कॉलेजों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए।

अभियान के दौरान एक घंटे में लाखों लोगों तक साइबर जागरूकता का संदेश पहुंचाने का विशेष प्रयास भी किया गया। पुलिस के अनुसार इस उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इसके अलावा बम्हनीडीह क्षेत्र में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भी साइबर सुरक्षा का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया। कथा वाचक अनिरुद्ध जी महाराज के आगमन के दौरान आयोजित जागरूकता गतिविधियों से लगभग 7 लाख लोगों तक साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी पहुंचाने का दावा पुलिस ने किया।
साइबर जागृति अभियान के तहत पुलिस टीमों ने एक ही दिवस में जिले के विभिन्न थाना-चौकी क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में पहुंचकर ग्रामीणों को जागरूक किया। लोगों को फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, OTP साझा करने, ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतने और साइबर ठगी के नए तरीकों से बचने की जानकारी दी गई। अभियान में सहयोग करने वाले लोगों को पुलिस ने सम्मानित भी किया।
अभियान के समापन अवसर पर स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला, रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र और मेमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।

जांजगीर-चांपा पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। OTP, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, PIN और अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल पुलिस या संबंधित साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।







