सारंगढ़, 05 अक्टूबर। शासकीय प्राथमिक शाला साराडीह के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षिक एवं धार्मिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधान पाठक रमाशंकर साहू एवं उनकी धर्मपत्नी गुणवती साहू, प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला खैरहा, की पहल पर आयोजित इस भ्रमण कार्यक्रम में बच्चों को धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था, स्थानीय बाजार और सामाजिक जीवन की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में मिलने वाले किताबी ज्ञान के साथ प्रत्यक्ष अनुभव से जोड़ना था।
भ्रमण की शुरुआत गायत्री मंदिर से हुई। यहां विद्यार्थियों ने गायत्री माता के दर्शन कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा अपने उज्ज्वल भविष्य और उत्तम शिक्षा की कामना की। मंदिर परिसर में बच्चों के मानसिक एवं बौद्धिक विकास तथा सकारात्मक ऊर्जा के उद्देश्य से हवन-पूजन का आयोजन भी किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। इसके बाद बच्चों को सारंगढ़ के प्रसिद्ध मां समलेश्वरी मंदिर एवं काली मंदिर ले जाया गया, जहां उन्होंने विधिवत दर्शन किए और धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी प्राप्त की।
धार्मिक स्थलों के भ्रमण के बाद विद्यार्थियों को सारंगढ़ स्थित कलेक्टर परिसर ले जाया गया। यहां बच्चों ने प्रशासनिक व्यवस्था को नजदीक से देखा और शासकीय कार्यालयों के कामकाज तथा प्रशासन की भूमिका के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद विद्यार्थियों ने स्थानीय साप्ताहिक बाजार का भी अवलोकन किया। बाजार में होने वाली खरीद-बिक्री, दुकानों की व्यवस्था और ग्रामीण एवं शहरी सामाजिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को देखकर बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान मिला।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को शहर के गार्डन में भी ले जाया गया, जहां बच्चों ने झूलों और विभिन्न खेल गतिविधियों का भरपूर आनंद लिया। पूरे दिन शैक्षिक एवं धार्मिक गतिविधियों के बाद बच्चों के लिए न्योता भोज का आयोजन किया गया। प्रधान पाठक रमाशंकर साहू एवं गुणवती साहू ने सभी विद्यार्थियों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन कराया। बच्चों ने सामूहिक रूप से भोजन का आनंद लिया और इस पूरे आयोजन को यादगार बताया।
इस अवसर पर प्रधान पाठक रमाशंकर साहू ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक और प्रत्यक्ष अनुभव भी आवश्यक है। इस तरह के शैक्षिक भ्रमण से विद्यार्थियों में अनुशासन, सामाजिकता, जिज्ञासा, आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता का विकास होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके आसपास की सामाजिक, धार्मिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से परिचित कराने से उनकी समझ का दायरा व्यापक होता है।
भ्रमण के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला साराडीह के विद्यार्थियों में पूरे समय खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने विभिन्न स्थानों के बारे में जानकारी हासिल करने के साथ अपने अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम के अंत में शाला विकास समिति, अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने प्रधान पाठक दंपति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सारंगढ़ का यह शैक्षिक एवं धार्मिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ एक यादगार अनुभव भी रहा।







