कोरबा, 20 सितम्बर। जिले के लेमरू वन क्षेत्र में एक बार फिर वन्यजीवों की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, लेमरू क्षेत्र के एक गांव के समीप झरने के पास बैठे ग्रामीणों और एक एनजीओ की टीम के बीच अचानक एक भालू पहुंच गया। भालू को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण तथा एनजीओ से जुड़े लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान भालू ने करीब 13 वर्षीय एक बच्चे को निशाना बना लिया और उस पर हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि भालू ने बच्चे को बुरी तरह घायल कर दिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर भालू को भगाने का प्रयास किया। काफी प्रयास के बाद ग्रामीण भालू को वहां से खदेड़ने में सफल हुए और बच्चे को उसके चंगुल से बाहर निकाला गया। हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल बच्चे को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक बच्चे की पहचान, वह किस गांव का रहने वाला है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी। वन विभाग की ओर से भी घटना को लेकर विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
घटना के दौरान मौके पर मौजूद एनजीओ की टीम के संबंध में भी स्थानीय स्तर पर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि भालू के अचानक हमला करने के बाद टीम के सदस्य मौके से भाग निकले। हालांकि, इस संबंध में एनजीओ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
लेमरू क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है और यहां पहले भी ग्रामीणों के वन्यजीवों के आमने-सामने आने तथा भालू के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। अगस्त 2026 में भी कोरबा और आसपास के वन क्षेत्रों में भालू के हमलों की घटनाओं की रिपोर्ट सामने आई थी।
फिलहाल इस घटना ने वन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि झरने और आसपास के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। वन विभाग की जांच और बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






