बलौदाबाजार। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर मिलने वाली 50 प्रतिशत शुल्क छूट का लाभ बलौदाबाजार की पायल भट्टर को मिला। रजिस्ट्री के दौरान पंजीयन शुल्क में 1 लाख 32 हजार रुपये की बचत हुई, जिसे उन्होंने खर्च करने के बजाय अपनी बेटी के बचत खाते में जमा कर दिया। उनका कहना है कि यह राशि भविष्य में बेटी की शिक्षा और अन्य जरूरतों के काम आएगी।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं और नागरिक सुविधाओं के प्रभाव को जाना जा रहा है। इसी दौरान पायल भट्टर ने बताया कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर मिलने वाली शुल्क रियायत से संपत्ति खरीदने का खर्च कम हुआ। बची राशि को उन्होंने बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित करने का निर्णय लिया।
पायल भट्टर ने कहा कि अपने नाम संपत्ति होने से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ता है। वहीं पंजीयन शुल्क में मिली राहत ने परिवार की आर्थिक योजना को भी मजबूती दी है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जा रही है। इसके तहत पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इसका उद्देश्य संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्हें आर्थिक राहत उपलब्ध कराना है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से शासन की योजनाओं के जमीनी प्रभाव और हितग्राहियों के अनुभव सामने लाए जा रहे हैं। पायल भट्टर की कहानी में पंजीयन शुल्क से बची 1.32 लाख रुपये की राशि अब उनकी बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा का आधार बन गई है।







