ग्वालियर, 17 सितंबर 2026। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान मध्य प्रदेश में 100 प्रतिशत दावा निपटान अनुपात दर्ज किया है। कंपनी के अनुसार यह उद्योग में अग्रणी आंकड़ा है। कंपनी ने बताया कि इस प्रदर्शन से मुश्किल परिस्थितियों में बीमाधारकों के परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
मध्य प्रदेश में कंपनी के टर्म प्लान यानी रिटेल प्रोटेक्शन कारोबार में वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान साल-दर-साल आधार पर 72.10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के मुताबिक 31 मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश में 11,93,966 लोगों को बीमा सुरक्षा प्रदान की जा चुकी थी। राज्य में लिंक्ड, गैर-लिंक्ड और एन्युइटी कारोबार सहित बचत से जुड़े बीमा उत्पादों की भी मांग बनी हुई है।
कंपनी के अनुसार 31 मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश में उसकी प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 6,256 करोड़ रुपये थीं। इसी अवधि में राज्य में कुल सम एश्योर्ड 73,100 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने यह भी बताया कि पिछले सात वर्षों के दौरान मध्य प्रदेश के ग्राहकों को विभिन्न प्रकार के लाभ के रूप में कुल 2,300 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
मध्य प्रदेश में कंपनी के वितरण नेटवर्क में 22 शाखाएं, 11,506 एडवाइज़र, 4,986 पार्टनर ब्रांच और 3,963 निर्दिष्ट व्यक्ति शामिल थे। कंपनी का कहना है कि शाखाओं के विस्तार, एडवाइज़र नेटवर्क बढ़ाने और लक्षित ग्राहक पहुंच के माध्यम से राज्य में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की योजना है।
कंपनी के निदेशक मंडल ने आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद कंपनी का नाम बदलकर ‘आईसीआईसीआई लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड’ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। कंपनी के वितरण प्रमुख भरत गुंटी ने कहा कि मध्य प्रदेश कंपनी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है। उनके अनुसार राज्य के शहरी और उभरते केंद्रों में बीमा कारोबार में गति देखने को मिल रही है। ग्राहकों के व्यवहार में भी बदलाव आया है और लोग अपने वित्तीय लक्ष्यों के साथ वित्तीय सुरक्षा, दीर्घकालिक बचत और सेवानिवृत्ति योजना को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वितरण नेटवर्क, डिजिटल क्षमताओं, उत्पादों की विविधता और ग्राहकों के साथ जुड़ाव में लगातार किए जा रहे निवेश से कंपनी को मध्य प्रदेश में अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिल रही है। कंपनी की रणनीति ग्राहकों के लिए अपने भविष्य की योजना बनाना और उसे बेहतर तरीके से प्रबंधित करना आसान बनाने पर केंद्रित है।
कंपनी के मुताबिक बीमा के पूरे जीवनचक्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी के स्तर पर लगभग 54 प्रतिशत बचत पॉलिसी आवेदन वाले दिन ही जारी की गईं, जबकि करीब 58 प्रतिशत इंश्योरेंस पॉलिसी डिजिटल केवाईसी के माध्यम से जारी हुईं। कंपनी की करीब 97 प्रतिशत सेवाएं सेल्फ-हेल्प या डिजिटल माध्यमों से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कंपनी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘आईसीआईसीआई प्रू पार्टनर स्टैक’ भी लॉन्च किया है। इसमें डिजिटल टूल्स और एनालिटिक्स की सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा ‘आईप्रू एज’ एडवाइज़र स्टैक के माध्यम से देशभर में कंपनी के 2.44 लाख से अधिक एजेंट को कारोबार बढ़ाने, संचालन प्रबंधन, आवेदन वाले दिन पॉलिसी जारी करने और ग्राहकों को बेहतर सेवा देने में सहायता मिलती है।
कंपनी ने बताया कि नए वितरण भागीदारों को दो सप्ताह से कम समय में ऑनबोर्ड किया जा रहा है। चुनिंदा वितरकों को उसी दिन कमीशन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का दावा निपटान अनुपात 99.3 प्रतिशत रहा। कंपनी के अनुसार बिना जांच वाले व्यक्तिगत दावों के निपटान में औसत टर्नअराउंड टाइम करीब एक दिन रहा। ग्राहक वेबसाइट, ईमेल, एसएमएस, व्हाट्सऐप, शाखा या 24 घंटे उपलब्ध ग्राहक सेवा के माध्यम से दावा दर्ज करा सकते हैं। कंपनी का शुरुआती दावा निपटान अनुपात 22 प्रतिशत बताया गया है।
कंपनी के अनुसार 31 मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश में बीमित व्यक्तियों की मृत्यु से संबंधित दावों के तहत 1,212 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। कंपनी का कहना है कि मध्य प्रदेश में बीमा क्षेत्र में दीर्घकालिक संभावनाएं मौजूद हैं और वह राज्यभर में अपनी पहुंच और उपलब्धता बढ़ाने के साथ ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुरूप बीमा समाधान उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी की रणनीति के तहत बीमा की पहुंच बढ़ाने, ग्राहक अनुभव बेहतर बनाने और तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ मध्य प्रदेश में शाखाओं, एडवाइज़र नेटवर्क और लक्षित ग्राहक संपर्क का विस्तार किया जाएगा।







