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SECL Gevra Membership Verification: श्रमिक संगठन सदस्यता में इंटक प्रथम, 121 श्रमिकों ने दिया समर्थन

कोरबा, 11 सितंबर 2026। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में श्रमिक संगठन सदस्यता वेरिफिकेशन में एसईकेएमसी (इंटक) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। लंबे समय के बाद इंटक ने सदस्यता वेरिफिकेशन में बढ़त हासिल की है। वेरिफिकेशन के दौरान सर्वाधिक 121 श्रमिकों ने एसईकेएमसी (इंटक) की सदस्यता के फार्म जमा किए। एटक को 98, बीएमएस को 80 और एचएमएस को 21 श्रमिकों ने सदस्यता दी। वहीं 35 श्रमिकों ने नोटा का विकल्प चुना।

एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में 11 और 12 सितंबर को प्रबंधन द्वारा श्रमिक संगठनों की सदस्यता को लेकर वेरिफिकेशन कराया गया। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक श्रमिकों से संगठनों में सदस्यता संबंधी पर्चे जमा कराए गए।

पहले दिन से ही एसईकेएमसी (इंटक) ने बढ़त बना ली थी। पहले दिन इंटक को 81, एटक को 70, बीएमएस को 52 और एचएमएस को 13 श्रमिकों की सदस्यता प्राप्त हुई। दूसरे दिन के वेरिफिकेशन में इंटक को 40, एटक को 28, बीएमएस को 28 और एचएमएस को 8 श्रमिकों ने अपना संगठन घोषित किया। इस तरह इंटक के कुल 121, एटक के 98, बीएमएस के 80 और एचएमएस के 21 श्रमिक सदस्य हुए। नोटा में अपना मत देने वाले श्रमिकों की संख्या 35 रही। कुल 454 श्रमिकों में से 355 ने अपना वेरिफिकेशन फार्म जमा किया।

सदस्यता वेरिफिकेशन में प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद एसईकेएमसी (इंटक) की गेवरा क्षेत्रीय इकाई के अध्यक्ष हरनाम सिंह कंवर और सचिव दिनेश कुमार दुबे ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार के रवैये से निराश श्रमिकों को इंटक से ही आस है। उन्होंने कहा कि एसईसीएल के श्रमिक सरकार की श्रम विरोधी नीति से हताश हैं। श्रमिकों को लगने लगा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी द्वारा श्रमिकों के शोषण को खत्म करते हुए कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण कर जो हक और अधिकार दिए गए थे, उन्हें वर्तमान केंद्र सरकार एक-एक कर छीनती जा रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में श्रमिकों को इंटक से ही उम्मीद है। इंटक श्रमिकों के अधिकार और हितों के लिए लगातार संघर्ष करती रही है। श्रमिक संगठन का हाथ मजबूत करते हैं तो निश्चित रूप से श्रमिकों के हक और अधिकार की लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।

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