बिलासपुर, 10 सितम्बर 2026। South Eastern Coalfields Limited (एसईसीएल) में तीन माह के सतर्कता जागरूकता अभियान 2026 के तहत पब्लिक प्रोक्योरमेंट को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। बिलासपुर स्थित एमडीआई में आयोजित प्रशिक्षण में सरकारी खरीद से जुड़ी नीतियों, प्रक्रियाओं और नियमों की जानकारी देने के साथ पारदर्शिता, निष्पक्षता और नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) हिमांशु जैन ने संबोधित किया। उन्होंने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए लागू पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी तथा ‘मेक इन इंडिया’ (एमआईआई) से जुड़े प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पब्लिक प्रोक्योरमेंट की प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में इन नीतियों का प्रभावी तरीके से पालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान छोटे उद्यमों की सरकारी खरीद प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने और देश में निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता एवं प्रोत्साहन देने में इन नीतियों की भूमिका पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनाए रखने, पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया गया।
सीवीओ हिमांशु जैन ने वास्तविक मामलों के उदाहरणों के माध्यम से पब्लिक प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया में सामने आने वाली सामान्य चूकों और संभावित जोखिमों को भी समझाया। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में आवश्यक जांच-पड़ताल और सावधानी बरतना जरूरी है, ताकि प्रक्रियागत कमियों की समय रहते पहचान कर उन्हें दूर किया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में सवाल-जवाब का सत्र आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने पब्लिक प्रोक्योरमेंट से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं और एमएसई तथा मेक इन इंडिया से संबंधित विभिन्न शंकाएं रखीं। अधिकारियों ने इन सवालों का समाधान करते हुए नीतिगत प्रावधानों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।
एसईसीएल में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रिवेंटिव विजिलेंस को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका उद्देश्य पब्लिक प्रोक्योरमेंट व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाना तथा खरीद प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं और प्रक्रियागत खामियों को रोकना है।







