बिलासपुर, 31 अक्टूबर 2026। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) मुख्यालय बिलासपुर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के अंतर्गत शनिवार को ‘संकल्पसिद्धि समारोह’ का आयोजन किया गया। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के दिशा-निर्देशों के तहत 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह की इस वर्ष की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ रखी गई है। समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही संगठन में पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार मुक्त कार्यसंस्कृति विकसित करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. निखिल कुमार कनोडिया शामिल हुए। इस अवसर पर एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी संचालन) रमेश चंद्र महापात्र और निदेशक (तकनीकी योजना एवं परियोजना) नृपेंद्र नाथ सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा एसईसीएल के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के निरीक्षण से हुई। यहां उन्होंने डिजिटल निगरानी व्यवस्था और केंद्र की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इसके बाद सतर्कता जागरूकता सप्ताह गैलरी का अवलोकन किया गया, जिसमें सतर्कता विभाग की विभिन्न गतिविधियों और जागरूकता अभियानों को प्रदर्शित किया गया था। अतिथियों ने ‘एक पेड़ सतर्कता के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। ऑडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलन और सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया गया।
मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने स्वागत उद्बोधन में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों और विभागीय प्रयासों की जानकारी दी।
मुख्य वक्ता डॉ. निखिल कुमार कनोडिया ने कहा कि किसी भी संस्थान में सुशासन स्थापित करने के लिए सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ करने तथा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाने का आह्वान किया।
डॉ. कनोडिया ने स्कूली और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों से संवाद कर उनके सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनमें प्रारंभ से ही ईमानदारी, नैतिकता और सत्यनिष्ठा के संस्कार विकसित करना जरूरी है। निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने भी कार्यस्थल पर नैतिक मूल्यों के पालन पर जोर दिया और अधिकारियों-कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने वाद-विवाद और निबंध प्रतियोगिताओं में भाग लिया। वहीं एसईसीएल कर्मचारियों के लिए वाद-विवाद, निबंध, स्लोगन, कविता, प्रश्नोत्तरी और पोस्टर मेकिंग जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एसईसीएल सतर्कता विभाग की वार्षिक पत्रिका ‘स्पंदन’ और ‘हैंडबुक ऑन सिस्टमैटिक इम्प्रूवमेंट मेजर्स’ का विमोचन भी किया गया। इन प्रकाशनों में संगठन की गतिविधियों और प्रणालीगत सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण उपायों को संकलित किया गया है।
समारोह में एसईसीएल से सेवानिवृत्त पांच अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके सेवाकाल में दिए गए योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें महाप्रबंधक (उत्खनन) देवेंद्र प्रसाद, प्रबंधक (मानव संसाधन) प्रवीणा गांधी, बसंत विहार के सब स्टेशन अटेंडेंट असीम जूलियस, बसंत विहार स्वास्थ्य केंद्र की सीनियर डीईओ सुपर्णा दासगुप्ता और गुणवत्ता नियंत्रण विभाग के वरिष्ठ तकनीकी निरीक्षक प्रवीण कुमार दीक्षित शामिल रहे।
कार्यक्रम में संगीत समूह और ओडिशी नृत्य की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। मंच संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) पंकज पाणी पांडेय ने किया, जबकि महाप्रबंधक (सतर्कता) संजय प्रसाद दुबे ने आभार व्यक्त किया।







