दुर्ग, 12 सितम्बर 2026। जिले में अपराधी गतिविधियों पर नियंत्रण और भविष्य में होने वाले अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से पुलिस ने गैंग हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत रात्रि में करीब 50 स्थाई गैंग हिस्ट्रीशीटरों की पेशी कराकर उनका बांड ओवर कराया गया। साथ ही सभी संबंधित अपराधियों का एमसीयू (मूवमेंट/मॉनिटरिंग संबंधी जांच प्रक्रिया) कराया गया।
पुलिस के अनुसार जिले में सक्रिय और स्थाई गैंग हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में उनके आपराधिक रिकॉर्ड को अद्यतन करने के साथ ही उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। अभियान के दौरान करीब 50 गैंग हिस्ट्रीशीटरों को पुलिस के समक्ष पेश कराया गया और नियमानुसार बाउंड ओवर की कार्रवाई की गई।
पुलिस का उद्देश्य आदतन अपराधियों और गैंग से जुड़े बदमाशों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखना है, ताकि उनके द्वारा दोबारा अपराध करने की संभावना को कम किया जा सके। इसके लिए गैंग हिस्ट्रीशीट में दर्ज पुराने आपराधिक मामलों, वर्तमान स्थिति और अन्य आवश्यक जानकारियों को भी अपडेट किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले में अपराध की रोकथाम के लिए आदतन बदमाशों की निगरानी को लगातार मजबूत किया जा रहा है। अब तक करीब 2100 आदतन बदमाशों और गैंगस्टरों का एमसीयू कराया जा चुका है। पुलिस की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।
इस अभियान के जरिए पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने वाले गैंग हिस्ट्रीशीटरों पर लगातार नजर रखी जाएगी और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गैंग हिस्ट्रीशीटरों के रिकॉर्ड को अपडेट कर उनकी गतिविधियों की निगरानी और बांड ओवर जैसी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के माध्यम से अपराध की पुनरावृत्ति रोकने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।







