विजयादशमी 2023 : दशहरा के दिन नीलकंठ पक्षी का दिखना बेहद शुभ, खुल जाता है किस्मत का ताला

Vijayadashami 2023 : विजयादशमी का त्योहार आज अंचल में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व ही दशहरा है। जिससे पाण्डुका, अतरमरा, रजनकट्टा, कुरुद, पंडरीतराई, कुटेना, कुकदा, पोंड, पचपेड़ी, आसरा, मुरमुरा, लोहरसी, धुरसा, फुलझर, गाड़ाघाट, सांकरा आदि गांवों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। जिसमें सुबह दस बजे स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन पश्चात शाम को अधर्म असत्य और घमंड का प्रतीक रावण का पुतला दहन और रामलीला नाटक का मंचन भी कई गांवों में होने की संभावना है क्योंकि नाटक लीला का मंचन अब विलुप्त होने की कगार पर है इसलिए केवल औपचारिकता बनकर रह गया है केवल राम लक्ष्मण हनुमान और रावण के अभिनय करने वाले कलाकार को तैयार कर रावणवध किया जाता है और रात्रि में शोभा यात्रा निकाल कर सोन पत्ती रैनी लूट कर इस परम्परा का निर्वहन किया जाता है।

मान्यताओं के मुताबिक प्रभु श्री राम ने रावण का वध कर दशहरे के दिन विजय प्राप्त की थी, तभी से इस दिन को विजयादशमी के नाम से जाना जाने लगा। ये दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का होता है। इस बार 24 अक्टूबर यानी आज ही के दिन दशहरा मनाया जा रहा है। मान्यताओं के मुताबिक, अगर दशहरा के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन हो जाते हैं तो किस्मत का ताला खुल जाता है।