KORBA BREAKING:मड़वारानी मंदिर को मिला न्याय: हाईकोर्ट ने 30 दिन में मुआवजा भुगतान का दिया आदेश

कोरबा,27 अप्रैल 2026। चांपा-उरगा नेशनल हाईवे (एनएच-149B) के निर्माण के दौरान अधिग्रहित की गई मड़वारानी मंदिर की भूमि के मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है। हाईकोर्ट ने मंदिर समिति के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रशासन को निर्देश दिया है कि शेष मुआवजा राशि 30 दिनों के भीतर भुगतान की जाए।

जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे निर्माण के लिए मड़वारानी स्थित मुख्य मार्ग किनारे का मंदिर परिसर अधिग्रहण में आ गया था। इसके एवज में कुल 82.58 लाख रुपए मुआवजा तय किया गया था। प्रशासन ने 28 नवंबर 2024 को पहली किश्त के रूप में 30.73 लाख रुपए जारी किए, लेकिन शेष 51.84 लाख रुपए का भुगतान लंबे समय तक लंबित रखा गया।

मुआवजे की पहली किश्त से मंदिर को पुराने स्थान से हटाकर पास ही पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन राशि खत्म होने के कारण निर्माण कार्य अधूरा रह गया।

कलेक्टोरेट के चक्कर के बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

मड़वारानी सेवा समिति ने कई बार प्रशासन से बकाया राशि की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर समिति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट आदेश जारी किया।

हाईकोर्ट ने माना—मुआवजा रोकना अनुचित

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार ने पक्ष रखते हुए कहा कि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजा रोकना अनुचित है। कोर्ट ने भी इस पर सहमति जताते हुए प्रशासन को निर्देश दिया कि शेष राशि चेक या बैंक खाते के माध्यम से 30 दिनों के भीतर मंदिर समिति को दी जाए।

पुनर्निर्माण में ही खर्च होगी पूरी राशि

मंदिर समिति के सचिव प्रियांशु सिंह ने बताया कि प्राप्त मुआवजा राशि का पूरा उपयोग मंदिर के पुनर्निर्माण में किया जा रहा है। शेष राशि मिलने के बाद रुका हुआ कार्य जल्द ही फिर शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मड़वारानी देवी और श्रद्धालुओं की आस्था की जीत है।