रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC गड़बड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बरघोरिया को जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की गई है।
गिरफ्तारी के बाद चेतन बरघोरिया को विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 6 दिनों की ED रिमांड पर भेज दिया है। अब ED रिमांड अवधि के दौरान उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर पूछताछ करेगी।
मामले में ED की ओर से उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बरघोरिया की WhatsApp चैट मिलने का हवाला दिया गया है। इसी आधार पर पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की गई थी। विशेष अदालत ने ED की मांग स्वीकार करते हुए चेतन बरघोरिया को छह दिन की रिमांड पर भेज दिया।
ED ने जिस अधिकारी को गिरफ्तार किया है, वह बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में एडिशनल कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। अधिकारियों के मुताबिक, उनकी गिरफ्तारी CGPSC में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।
6 दिन की रिमांड में ED करेगी पूछताछ अदालत से रिमांड मिलने के बाद अब ED चेतन बरघोरिया से मामले को लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी कथित CGPSC गड़बड़ी से जुड़े संपर्कों, लेन-देन और सामने आए डिजिटल साक्ष्यों के संबंध में जानकारी जुटा सकती है।
CGPSC से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच के दौरान ED मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू को भी देख रही है। इसी जांच के क्रम में यह गिरफ्तारी सामने आई है।







