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रश्मिका मंदाना ने विजय देवरकोंडा के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर की बात, कहा- “हमने एक-दूसरे को चुना”

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रश्मिका मंदाना ने विजय देवरकोंडा के साथ अपने रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर खुलकर अपनी बात रखी है। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू के बाद इस जोड़ी को आलोचनाओं और बिना मांगी गई सलाहों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए प्यार के प्रति अपनी सोच, एक-दूसरे को चुनने के अपने फैसले और अपने रिश्ते को लेकर लोगों की राय को खुद पर हावी न होने देने की वजह बताई।

सोशल मीडिया पर बढ़ती नकारात्मकता पर अपनी बात रखते हुए रश्मिका ने लिखा,

https://www.instagram.com/p/De84LdOCFWC/?img_index=1

मैं आमतौर पर इन चीजों पर प्रतिक्रिया नहीं देती, क्योंकि हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। कभी-कभी मुझे लोगों की बातें पढ़ना और उनसे एक अलग नजरिया समझना भी अच्छा लगता है। लेकिन हमारे इंटरव्यू को लेकर इस समय जो माहौल बना हुआ है, वह लोगों की अलग-अलग राय से ज्यादा एक ऐसी भीड़ जैसा लग रहा है, जो अपना गुस्सा निकालने के लिए किसी को निशाना बना रही है।

कहीं न कहीं, इस पूरी बातचीत का असली मुद्दा ही पीछे छूट गया। शायद यह कुछ लोगों के नजरिए से मेल नहीं खाता। शायद कुछ लोग इसे समझना ही नहीं चाहते।

मैं यह सब इसलिए लिख रही हूं, क्योंकि मैं उन लोगों के विश्वास को बचाना चाहती हूं, जो प्यार में यकीन रखते हैं। मैं चाहती हूं कि हर किसी को अपने हिस्से का प्यार मिले। ❤️

मेरे और विजय के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार लोगों की राय, टिप्पणियों और बिना मांगी गई सलाहों की बौछार हो रही है, और वह भी बिना किसी वजह के।

लोग जिस विश्वास और आक्रामकता के साथ हमारे पीछे पड़ गए, उसने मुझे सच में थोड़ा हैरान कर दिया। मेरे मन में बस यही सवाल आया कि आखिर यह सब क्या हो रहा है? 😃

इसलिए मैंने थोड़ा पीछे हटकर, शांति से सोचा और अपनी जिंदगी को लेकर अपना नजरिया आपके सामने रखने का फैसला किया।

सबसे पहली बात, यह कभी भी गिनती या पूरे एक साल की बात नहीं थी। कुछ लोग बस इसी बात पर अटक गए।

हां, हमारे बीच वह बातचीत हुई थी। लेकिन हम दोनों में से कोई भी किसी बड़े प्रपोजल की उम्मीद नहीं कर रहा था। उस बातचीत का असली मतलब यह था कि वह चाहता था कि हम दोनों एक-दूसरे को समझने के लिए समय और जगह दें। हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि जिंदगी के उतार-चढ़ाव, खुशियों और मुश्किलों के बावजूद हम दोनों एक-दूसरे के साथ रहना चाहते हैं और इसके लिए यह सही समय है।

और हमने ऐसा किया। हमने एक-दूसरे को चुना।

यह बिल्कुल ठीक है कि मुझे पहले से पता था कि मुझे क्या चाहिए। उसी तरह, यह भी ठीक था कि वह जिंदगी की व्यावहारिक बातों पर सोचने, हर पहलू को समझने और आश्वस्त होने के लिए समय लेना चाहता था। इससे हमारे प्यार पर कोई फर्क नहीं पड़ा। मैं दिल से सोचती हूं और वह दिमाग से। हमारी जिंदगी में हमें एक-दूसरे की इसी खूबी की जरूरत है।

हमारे लिए शादी का मतलब कभी भी प्रपोजल देना, घुटनों पर बैठना या उंगली में अंगूठी पहनाना नहीं था। ये सब शादी के खूबसूरत बाहरी पहलू हैं। हमारे लिए शादी का मतलब एक साथ जिंदगी और भविष्य बनाना था।

और मुझे लगता है कि अब तक हमने यह काम बहुत खूबसूरती से किया है। ❤️

ऐसा इंसान ढूंढिए, जिसके लिए आप किसी भी हद तक जा सकें और जो आपके लिए भी ऐसा ही करे।

और हां, मैं अपने पार्टनर के प्यार में पूरी तरह डूबी हुई हूं। आखिर इसमें बुरा क्या है? 😃

अगर मैं उस इंसान के प्यार में ही नहीं हूं, जिससे शादी करने जा रही हूं, तो फिर मैं उससे शादी ही क्यों करूंगी?

वह जिंदगी भर मेरा साथी होगा। आम दिनों से लेकर खास पलों तक मेरा दोस्त होगा। मेरे बच्चों का पिता होगा। वह इंसान होगा, जिसके साथ मैं बूढ़ी होना चाहूंगी।

ऐसा इंसान ढूंढिए, जो आपसे इतनी खूबसूरती से प्यार करे कि शादी के बाद भी आपका मन उससे दोबारा कहने का करे, ‘चलो, शादी कर लेते हैं।’

मैं यह हजार बार भी कर सकती हूं। 100 बार तो कुछ भी नहीं है। बात सच में इतनी ही सरल है। ❤️

और उन लोगों के लिए, जो अपनी बनाई हुई धारणाओं में पूरी तरह खो चुके हैं…

हम दोनों ने अपनी जिंदगी अपने तरीके से बनाई है। अपने फैसलों और अपनी मेहनत के दम पर। हम समझदार और आत्मनिर्भर वयस्क हैं। हमें यह आजादी और सौभाग्य मिला है कि हम अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जी सकें और यह तय कर सकें कि हमें किसके साथ अपना जीवन बिताना है।

और हमने एक-दूसरे को चुना। हमने ‘हम’ को चुना। ❤️

हम जिंदगी के आखिरी पल तक बार-बार एक-दूसरे को चुनते रहेंगे।

अगर हमारा प्यार आपकी कल्पना के मुताबिक नहीं है, तो कोई बात नहीं। आप अपनी जिंदगी में प्यार की उस खूबसूरत कल्पना को जीएं। मैं हर उस इंसान के लिए खुश होऊंगी, जिसे प्यार और खुशी मिलती है।

आखिरकार, हम सभी को कम से कम इतना तो करना ही चाहिए।

और मेरी कुछ प्यारी लड़कियों से…

उन लड़कियों से, जो एक दूसरी महिला की चिंता करने के नाम पर रील्स बना रही हैं, मुझे इस रिश्ते से दूर भागने के लिए कह रही हैं और मेरी सुरक्षा के नाम पर मुफ्त में रिश्तों से जुड़ी सलाह दे रही हैं।

आप सभी का शुक्रिया। सच में।

लेकिन काश, आपमें से कुछ लोग कुछ साल पहले भी मेरे साथ होते, जब मेरी जिंदगी में बहुत मुश्किल समय चल रहा था।

तब आप मेरे साथ नहीं थीं।

वह मेरे साथ था और आज भी मेरे साथ है।

आज मैं अपनी जिंदगी में अब तक की सबसे ज्यादा खुश हूं। मुझे उम्मीद है कि आप यह खुशी मेरे चेहरे पर, शादी के बाद मेरे जीवन में आए आनंद में, मेरे अभिनय में, मेरी फिल्मों में और मेरे जिंदगी जीने के तरीके में देख सकते हैं।

मैं खुश हूं। मैं संतुष्ट हूं। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं।

और यह बात थोड़ी अजीब और डरावनी लगती है कि कुछ लोग अपनी जिंदगी के बारे में मेरी कही बातों पर भरोसा करने के बजाय इंटरनेट पर फैलाई गई मनगढ़ंत कहानियों, भ्रामक तरीके से एडिट किए गए वीडियो और झूठी बातों पर यकीन करना ज्यादा पसंद करते हैं। 😃

जब मेरी कोई हड्डी टूटती है, तब आप मेरे साथ नहीं होते। वह होता है।

जब हर महीने मुझे पेट में दर्द होता है, तब आप मेरे साथ नहीं होते। वह होता है।

जब मुझे अस्पताल जाने की जरूरत पड़ती है, तब आप मेरे साथ नहीं होते। वह होता है।

जब मैं आधी रात को घबराहट के साथ जाग जाती हूं, तब आप मेरे साथ नहीं होते। वह होता है।

और जब मैं टूटकर रो पड़ती हूं, तब मेरे पास रोने के लिए आपका कंधा नहीं होता। मेरे पास उसका कंधा होता है।

इसलिए, कृपया मेरी या उसकी चिंता मत कीजिए। ❤️

मैं दिल से कामना करती हूं और प्रार्थना करती हूं कि आपको भी कोई ऐसा इंसान मिले, जिससे आप प्यार करें और जो आपसे उतनी ही गहराई से प्यार करे। और अगर आप अपने लिए ऐसा रिश्ता नहीं चाहते, तो वह भी बिल्कुल ठीक है। अपनी जिंदगी वैसे जिएं, जिसमें आपको खुशी मिलती है।

आप जो भी रास्ता चुनेंगे, मैं आपके लिए खुश रहूंगी।

और एक बात।

आप मेरे बारे में जितना चाहें बुरा बोल सकते हैं। मैं इसे सह सकती हूं।

लेकिन मेरे परिवार को जाने बिना उनके बारे में बातें करना? यह नारीवाद नहीं है। यह नारीवाद की आड़ में की जाने वाली बदमाशी है।

नारीवाद का मतलब कभी भी किसी दूसरे को नीचा दिखाना या खुद को किसी से बेहतर साबित करना नहीं था, चाहे वह पुरुष हो या महिला।

नारीवाद हमेशा से अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने और उसे अपने तरीके से जीने की आजादी के बारे में रहा है।

मैंने अपनी जिंदगी के फैसले खुद लिए।

और इसके बदले मुझे अपार प्यार मिला। ❤️

और मेरे कुछ कन्नड़ दोस्तों से भी… 😃

आह! यह जानकर कितना अच्छा लगता है कि 10 साल बाद भी मैं आपके दिलों में इतनी गहराई से बसी हुई हूं।

इतने सालों बाद भी आप मेरा जश्न मना रहे हैं और मुझे इतना प्यार दे रहे हैं… सच में, मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं! ❤️

उन सभी को मेरा प्यार, जो प्यार और खुशियों का जश्न मनाते हैं।

और बाकी सभी लोगों से भी यही कहूंगी कि कृपया आप भी अपनी जिंदगी में कुछ ऐसा ढूंढिए, जो आपको खुशी दे। ❤️”

अपनी इस बेबाक प्रतिक्रिया के साथ रश्मिका मंदाना ने विजय देवरकोंडा के साथ अपने रिश्ते को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने साफ किया कि उनका प्यार, उनके फैसले और उनकी खुशी उनकी अपनी है और वे अपनी जिंदगी किसके साथ बिताना चाहती हैं, यह फैसला लेने का अधिकार सिर्फ उन्हें और विजय को है।

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