कोरबा, 26 अक्टूबर। कटघोरा स्थित जिला एवं अपर सत्र न्यायालय की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश श्रद्धा शुक्ला शर्मा ने 23 अक्टूबर 2026 को यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोनों आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक कटघोरा शोधन राम देवांगन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाली थाना क्षेत्र के इस मामले में आरोपी राजवीर यादव (19) और सचिन यादव (23) को भारतीय दंड विधान की धारा 376(डी) और 354/34 के तहत दोषी पाया गया। न्यायालय ने राजवीर यादव को 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 2,000 रुपये के अर्थदंड और सचिन यादव को तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। दोनों को धारा 376(डी)/34 के तहत भी 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
अभियोजन के अनुसार, घटना से करीब एक वर्ष पहले आरोपियों के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका पुत्र शराब के नशे में घर आया था और वाहन दुर्घटना में घायल होने के कारण खाट पर आराम कर रहा था। इसी दौरान घर में मौजूद नाबालिग के साथ दोनों युवकों द्वारा छेड़छाड़ किए जाने की बात सामने आई। नाबालिग के विरोध करने पर आरोपी मौके से भाग गए।
बाद में पीड़िता को लेकर थाने पहुंचे परिजनों के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली। मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।
विशेष लोक अभियोजक ने अदालत में साक्ष्यों एवं गवाहों का परीक्षण कराते हुए अभियोजन पक्ष का समर्थन किया। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।







