भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बढ़त के बाद सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ कारोबार करने लगे। सेंसेक्स दिन के ऊपरी स्तर से करीब 500 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 फिसलकर 23,100 के नीचे आ गया।
लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, निफ्टी 50 77.15 अंक (0.33%) गिरकर 23,069 पर आ गया। वहीं, सेंसेक्स 275.98 अंक (0.36%) टूटकर 74,453.29 पर कारोबार करता दिखा। बैंक निफ्टी 157.75 अंक (0.28%) गिरकर 55,686.25 और निफ्टी आईटी 144.55 अंक (0.45%) फिसलकर 31,779.55 पर पहुंच गया।
बाजार में गिरावट के पीछे बैंकिंग शेयरों में बिकवाली, कमजोर वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें प्रमुख वजह रहीं। एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद बैंकिंग शेयरों पर दबाव दिखा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने से निवेशकों की चिंता बढ़ी।
शेयर बाजार में गिरावट के 3 बड़े कारण
- बैंकिंग शेयरों में बिकवाली
बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आई गिरावट से पड़ा। सोमवार को बैंक का शेयर करीब 2% टूट गया। सप्ताहांत में घोषित दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव और कमाई की धीमी बढ़त को लेकर निवेशकों में चिंता बढ़ी।
हालांकि, कई बड़े ब्रोकरेज हाउस ने एचडीएफसी बैंक के शेयर पर खरीदारी की राय बरकरार रखी है। इसके बावजूद बैंकिंग शेयरों में कमजोरी का असर बैंक निफ्टी पर भी पड़ा, जो कारोबार के दौरान करीब 0.5% तक गिर गया।
- वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े बड़े निवेश और भारी फंडिंग को लेकर चिंताओं के बीच एशियाई बाजारों के टेक शेयरों में दबाव रहा।MSCI एशिया इंडेक्स 0.5% गिरा। जापान के निक्केई फ्यूचर्स में 1.3%, हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में 0.2% और शंघाई कंपोजिट में 0.2% की गिरावट दर्ज की गई।इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। एआई से जुड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से नैस्डैक 2.19% गिरकर 26,128.13 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 1.22% और डाउ जोंस में 0.55% की गिरावट रही।
- कच्चे तेल की ऊंची कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 1.5% गिरकर 108.27 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड 100.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि, कीमतों में कुछ नरमी आई, लेकिन दोनों प्रमुख मानक तेलों के भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास या उससे ऊपर बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतों में तेजी भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। महंगा कच्चा तेल आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ा सकता है, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित होती है।







