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कोरबा में 52 हाथियों के झुंड का तांडव, स्कूल हॉस्टल में घुसकर मचाई तबाही; धान की फसल रौंदी, किसान का मकान क्षतिग्रस्त

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कोरबा, 09 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल में हाथियों की बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गुरुवार देर रात पसान वन परिक्षेत्र के तेलियामार गांव में 52 हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने दीपक स्कूल (मिशन स्कूल) के छात्रावास की बाउंड्रीवॉल तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और वहां स्थित बगीचे को तहस-नहस कर दिया। अचानक हाथियों के हॉस्टल परिसर में घुसने से वहां रह रहे करीब 160 बच्चों में दहशत फैल गई। हाथियों की चिंघाड़ और उनकी गतिविधियों से बच्चे पूरी रात भयभीत रहे। वहीं, गांव में हाथियों की मौजूदगी की खबर से ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात हाथियों का विशाल झुंड तेलियामार गांव के नजदीक पहुंचा। इसके बाद हाथियों ने स्कूल की बाउंड्रीवॉल को तोड़ दिया और छात्रावास परिसर में घुस गए। परिसर में हाथियों के पहुंचने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। हाथियों ने परिसर में लगे पौधों और बगीचे को नुकसान पहुंचाया। घटना के दौरान हॉस्टल में रहने वाले बच्चे सहमे रहे। ग्रामीणों को भी रातभर हाथियों की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहना पड़ा।

हाथियों के झुंड ने गांव के पास एक किसान के मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा खेतों में पककर तैयार हो रही धान की फसल को रौंदकर नुकसान पहुंचाया। फसल बर्बाद होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथियों को खेतों और आबादी वाले क्षेत्र से दूर भगाने का प्रयास किया। धान की फसल तैयार होने के समय हाथियों के खेतों तक पहुंचने से किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।

वन विभाग के अनुसार, वर्तमान में कटघोरा वन मंडल क्षेत्र में कुल 57 हाथियों की मौजूदगी है। इनमें से 52 हाथियों का झुंड पसान वन परिक्षेत्र के तेलियामार और खोहरी के जंगलों में विचरण कर रहा है। वहीं, झुंड से अलग एक दंतैल हाथी बनिया वन परिक्षेत्र में मौजूद है, जबकि जटगा वन परिक्षेत्र में तीन हाथियों के विचरण की जानकारी मिली है।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, धान की फसल पकने के कारण हाथियों की आवाजाही खेतों की ओर बढ़ रही है। हाथी शाम होते ही अलग-अलग दिशाओं में निकल जाते हैं और सुबह फिर एक स्थान पर एकत्र हो जाते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की निगरानी और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।

हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। विभाग की ओर से आसपास के 10 गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई है। ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक नहीं जाने और उनकी मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की सलाह दी गई है। स्कूल छात्रावास में हाथियों के घुसने, बगीचे को नुकसान पहुंचाने और खेतों में धान की फसल रौंदे जाने की घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

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