- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत डीएमएफ से मिले पांच केज, परिवार की आजीविका को मिला नया आधार
कोरबा, 03 अक्टूबर 2026। कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम छातापखना निवासी रामलाल के लिए केज मछली पालन आजीविका का नया साधन बन गया है। पहले रोजगार का कोई स्थायी साधन नहीं होने के कारण उनकी आय सीमित थी, लेकिन शासन की योजना के तहत मिली सहायता ने उनके लिए कमाई का नया रास्ता खोल दिया है।
रामलाल, पिता सुकलाल को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से केज कल्चर के लिए पांच केज उपलब्ध कराए गए। इस सहायता का लाभ उठाते हुए उन्होंने मछली पालन का व्यवसाय शुरू किया। अब इस कार्य से उन्हें 87 हजार रुपये तक की कमाई हो रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है।
केज मछली पालन से होने वाली आय ने रामलाल को आजीविका के लिए एक नया सहारा दिया है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने और जीवनयापन को बेहतर बनाने में मदद मिली है।
रामलाल ने इस सहायता के लिए शासन और संबंधित विभागों के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी यह कहानी दर्शाती है कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहियों को आजीविका के साधन उपलब्ध कराने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।







