Home / Chhattisgarh / ₹7 लाख की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, रजगामार पुलिस ने रतनपुर बस स्टैंड से दबोचा; 3 स्थायी वारंट भी थे लंबित

₹7 लाख की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, रजगामार पुलिस ने रतनपुर बस स्टैंड से दबोचा; 3 स्थायी वारंट भी थे लंबित

ख़बर शेयर करें:

कोरबा, 03 अक्टूबर। चौकी रजगामार, थाना बालकोनगर पुलिस ने ₹7 लाख की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मकान, जमीन और मलबा बेचने का इकरारनामा कर राशि लेने के बाद संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं कराने और जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश से लौटते समय रतनपुर बस स्टैंड से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ धारा 138 एनआई एक्ट के तहत तीन स्थायी वारंट भी लंबित थे।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता सिकंदर ने चौकी रजगामार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हनुमान प्रसाद यादव पिता स्वर्गीय मुन्नीलाल यादव, उम्र 38 वर्ष, निवासी रजगामार और उसकी पत्नी अनीता यादव ने 22 नवंबर 2023 को मकान, जमीन एवं मलबे की बिक्री के संबंध में इकरारनामा किया था। इस इकरारनामे के आधार पर शिकायतकर्ता से ₹7 लाख की राशि ली गई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि राशि लेने के बाद आरोपी पक्ष ने न तो शिकायतकर्ता के पक्ष में संपत्ति की रजिस्ट्री कराई और न ही मलबा उपलब्ध कराया। इसके अलावा जिस जमीन का सौदा शिकायतकर्ता के साथ किया गया था, उसे कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। शिकायत के आधार पर चौकी रजगामार पुलिस ने अपराध क्रमांक 80/2026 के तहत धारा 420, 34 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की थी।

फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर पतासाजी कर रही थी। इसी दौरान 1 अक्टूबर 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश से वापस लौट रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए रतनपुर बस स्टैंड में बस से पहुंचने पर हनुमान प्रसाद यादव को पकड़ लिया और गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 के तहत न्यायालय द्वारा जारी तीन स्थायी वारंट लंबित थे। ये वारंट वर्ष 2022 और 2024 के चेक बाउंस से संबंधित मामलों में जारी किए गए थे। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इन मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।

पुलिस ने आरोपी को 2 अक्टूबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को 16 अक्टूबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

इस कार्रवाई में चौकी रजगामार प्रभारी उप निरीक्षक विनोद सिंह, प्रधान आरक्षक विनोद सिंह और प्रधान आरक्षक केरोबीन की विशेष भूमिका रही। कोरबा पुलिस द्वारा फरार आरोपियों और लंबे समय से लंबित स्थायी वारंटों की तामीली के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

ख़बर शेयर करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *