नई दिल्ली/रायपुर, 18 सितंबर 2026। देश में वाणिज्यिक कोयला खनन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को कोयला खदानों की नीलामी के 16वें दौर की शुरुआत कर दी। इस चरण में कुल 25 कोयला ब्लॉक नीलामी के लिए पेश किए गए हैं। इनमें 21 पूरी तरह अन्वेषित और चार आंशिक रूप से अन्वेषित ब्लॉक हैं। ये ब्लॉक छत्तीसगढ़ सहित नौ कोयला उत्पादक राज्यों में स्थित हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल को इस चरण में शामिल किया गया है।
छत्तीसगढ़ में भी इस नीलामी चरण के तहत कोयला ब्लॉक पेश किए गए हैं। हालांकि, 18 सितंबर 2026 तक कोयला मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी में राज्यवार यह संख्या अलग से जारी नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ 16वें दौर की नीलामी में शामिल है, जबकि राज्य के हिस्से में कितने ब्लॉक हैं, इसकी आधिकारिक संख्या बाद के नीलामी दस्तावेजों से स्पष्ट होगी।
इस दौर में छह कोयला खदानें Coal Mines (Special Provisions) Act और 19 खदानें Mines and Minerals (Development and Regulation) Act के तहत पेश की गई हैं। सरकार के अनुसार नीलामी प्रक्रिया में अनुभवी खनन कंपनियों के साथ नए निवेशकों और तकनीक आधारित उद्यमों को भी भाग लेने का अवसर मिलेगा। वाणिज्यिक कोयला खनन व्यवस्था में अंतिम उपयोग पर प्रतिबंध नहीं रखा गया है।
इस बीच ₹55,000 करोड़ के प्रस्तावित निवेश को लेकर भी स्थिति स्पष्ट है। यह राशि 16वें दौर के 25 नए ब्लॉकों से संबंधित नहीं है। कोयला मंत्रालय के अनुसार 2020 में वाणिज्यिक कोयला खनन शुरू होने के बाद अब तक पूरे हुए 15 दौर में 147 कोयला खदानों की नीलामी हो चुकी है। इन नीलाम खदानों से करीब ₹47,500 करोड़ वार्षिक राजस्व और लगभग ₹55,000 करोड़ पूंजी निवेश की उम्मीद है। इनसे करीब 4.9 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
17 सितंबर को मंत्रालय ने पिछले दौर में नीलाम की गई छह खदानों के सफल बोलीदाताओं को Coal Mine Development and Production Agreements (CMDPAs) भी सौंपे। इनमें छत्तीसगढ़ से संबंधित Tara (Revised) Coal Block भी शामिल है।
18 सितंबर की स्थिति में 16वें दौर की प्रक्रिया अभी नीलामी चरण में है और 25 नए ब्लॉकों के अंतिम सफल बोलीदाताओं की घोषणा नहीं हुई है।







