
एनटीपीसी विभागीय चिकित्सालय से सुरक्षित अभिरक्षा में लिए गए बारहसिंघा की दुःखद मृत्यु की दी जा रही जानकारी
March 22, 2025(कोरबा) एनटीपीसी विभागीय चिकित्सालय से सुरक्षित अभिरक्षा में लिए गए बारहसिंघा की दुःखद मृत्यु की दी जा रही जानकारी
कोरबा: सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन के कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित कोरबा वृहद ताप विद्युत परियोजना के विशाल आवासीय परिसर में संचालित विशाल विभागीय चिकित्सालय परिसर में कल देर रात्रि घुस आये स्वछंद विचरण करते जिस बारह सिंघा को सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया गया था। अब उसकी दुःखद मृत्यु होने की जानकारी प्राप्त हो रही हैं, इस मामले को लेकर अब दो गंभीर प्रश्न उत्पन्न हो गए हैं। जिसमे पहला यक्ष प्रश्न तो यह हैं की अभिरक्षा में लिया गया वन्य प्राणी बारहसिंघा था या चीतल ? क्योंकि पहले स्पष्ट बारहसिंघा का फोटो प्रसारित किया गया था जिसे अब चीतल घोषित किया जा रहा हैं। दूसरा प्रश्न यह हैं की सुरक्षित अभिरक्षा में लेने पश्चात वन्य प्राणी को समुचित चिकित्सा लाभ दिया गया अथवा नहीं ?
जानकारी के अनुसार एक बारहसिंघा जंगल से भटक कर एनटीपीसी कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा दे बड़ी चारदीवारी से अंदर आ गया। आवासीय परिसर में बारहसिंघा देखे जाने की सूचना कालोनीवासियों द्वारा कटघोरा वन मंडल के अधिकारियों को दी गई। जिस पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे और बारहसिंघा का लोकेशन ढुढ़ते रहे, काफी देर बाद यह बारहसिंघा एनटीपीसी के विशाल आवासीय परिसर में संचालित विशाल विभागीय चिकित्सालय परिसर में दिखाई दिया।
बताया जा रहा हैं की वन विभाग की टीम ने इसे एनटीपीसी के सुरक्षा बलो, पुलिस एवं स्थानीय लोगों की मदद से घेराबंदी कर सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया। सुरक्षित अभिरक्षा में लेने पश्चात वन विभाग द्वारा इसे जंगल में छोडने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान उसकी एकाएक तबीयत बिगड़ी और बारहसिंघा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बारहसिंघा के दम तोड़ते ही वन विभाग की टीम के होश उड़ गए। आनन-फानन में इसकी सूचना डीएफओ कटघोरा सहित वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। जिस पर वे मौके पर पहुंचे और वस्तुस्थिति की जानकारी लेने के बाद पंचनामे की कार्यवाही की गयी। अब पता लगाया जा रहा हैं की बारहसिंघा कहां से और कैसे यहां पहुंचा ?
इसी संदर्भ में डीएफओ कुमार निशांत ने जानकारी देते हुए बताया कि पकड़ा गया वन्य प्राणी बारहसिंघा नहीं चीतल था जिसकी दुःखद मृत्यु हो गई है। उसके शरीर पर कुछ चोट के निशान मिले है। संभवत: वह किसी अज्ञात वाहन की ठोकर से घायल हो गया था। जिससे उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी। वन विभाग में उसका उपचार कराया गया लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नही आए। उसकी मौत के बाद अब उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसकी औपचारिकता पूरी होने के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उल्लेखनीय हैं की कटघोरा वन मंडल के जंगलो में चीतल, बाहरसिंघा व हिरण की भरमार है। जो अकसर पाली रेंज के जंगलो में गाहे-बगाहे दिखाई देते रहते है बरसात व ठंड के मौसम में ये जंगल ही जंगल घूमते रहते हैं। लेकिन गर्मी शुरू होते ही पानी की तलाश में ग्रामो में पहुंच जाते है। जिसकी वजह से आई बार सडक पार करते समय दुर्घटना का शिकार हो जाते है, या कई बार आवारा स्वानो के हमले से उनकी जान पर बन आती है।