नई दिल्ली, 14 नवंबर I दिल्ली से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां महरौली थाने की पुलिस ने करीब छह महीने पहले हुई हत्या की गुत्थी सुलझा ली है. मामले का खुलासा करने वाली पुलिस भी वारदात की दास्तां सुनकर संन्न रह गई I इस खौंफनाक वारदात को अंजाम देने वाले शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, आफताब (आरोपी) और श्रद्धा नाम की युवती की दोस्ती मुंबई में एक कॉल सेंटर में काम के दौरान हुई थी।
दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में तब्दील हो गई। परिवार के विरोध करने पर दोनों भागकर दिल्ली आ गए। श्रद्धा के परिवार वाले सोशल मीडिया के जरिए उसकी जानकारी लेते रहते थे। लेकिन जब सोशल मीडिया पर अपडेट आना बंद हो गया, तब लड़की के पिता दिल्ली में पहुंचे। बेटी के नहीं मिलने पर दिल्ली पुलिस को शिकायत दी। श्रद्धा के पिता ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी मुंबई के कॉल सेंटर में काम करती थी। यहां उसकी मुलाकात आफताब नाम के एक शख्स से हुई और दोनों की दोस्ती काफी नजदीकी में तब्दील हो गई।
दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे लेकिन परिवार वाले इस बात से खुश नहीं थे जिसके चलते उन्होंने इसका विरोध किया। इसी विरोध के चलते उनकी बेटी और आफताब मुंबई छोड़कर दिल्ली आ गए और यहां पर छतरपुर इलाके में रहने लगे।टेक्निकल सर्विलांस की मदद से दिल्ली पुलिस आफताब की तलाश में जुट गई। जिसके बाद एक गुप्त सूचना के आधार पर आफताब को धर दबोचा। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि श्रद्धा उसपर लगातार शादी का दबाव बना रही थी, जिसको लेकर उनके बीच में अक्सर झगड़ा होना शुरू हो गया।
उसने मई में बेरहमी से उसकी हत्या कर डाली और शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगह पर जंगल में फेंक दिए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या की और आरी से 35 टुकड़े करके, अपने घर में रखे। इसके लिए आफताब ने एक नया बड़ा फ्रिज भी ख़रीदा था। 18 दिन तक वह रात को दो बजे शरीर के टुकड़े को एक-एक कर प्लास्टिक बैग में लेकर जाता था और फेंक कर आ जाता था।


