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रायपुर में होगा हाईटेक ड्रोन सर्वे और GIS मैपिंग, RDA की हर संपत्ति को मिलेगा यूनिक UPIN

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रायपुर, 29 सितंबर 2026। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) अपनी संपत्तियों, भूखंडों, आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं और सार्वजनिक अधोसंरचनाओं के प्रबंधन को आधुनिक और डिजिटल बनाने जा रहा है। इसके तहत RDA के पूरे अधिकार क्षेत्र में हाईटेक ड्रोन सर्वे, GIS आधारित एसेट मैपिंग, पुराने रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

इस परियोजना के तहत दशकों पुराने कागजी रिकॉर्ड, संपत्ति रजिस्टर, लेजर बुक, लेआउट नक्शे, पट्टा और लीज से जुड़े दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही ड्रोन के जरिए हाई-रिजॉल्यूशन सर्वे कर संपत्तियों की वास्तविक स्थिति को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा।

हर संपत्ति को मिलेगा यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन नंबर

RDA की प्रत्येक संपत्ति और भूखंड को यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन नंबर (UPIN) दिया जाएगा। यह नंबर संबंधित संपत्ति के डिजिटल रिकॉर्ड और GIS मैप से लिंक रहेगा। इससे संपत्ति से जुड़ी जानकारी एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी और भविष्य में नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन करने का आधार मजबूत होगा।

सिर्फ ड्रोन सर्वे ही नहीं, बल्कि मौके पर संपत्तियों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। सर्वे टीमों द्वारा डोर-टू-डोर जाकर जानकारी जुटाई जाएगी। मोबाइल एप के माध्यम से जियो-टैग्ड फोटो और संपत्ति संबंधी जरूरी विवरण दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद इस जानकारी का पुराने रिकॉर्ड और ड्रोन मैपिंग से मिलान किया जाएगा।

नामांतरण और NOC जैसी सेवाएं होंगी अधिक व्यवस्थित

GIS आधारित डिजिटल डेटाबेस तैयार होने से RDA के पास संपत्तियों की सीमा, माप, उपयोग और स्थिति की जानकारी एक जगह उपलब्ध होगी। इससे रिकॉर्ड सत्यापन, संपत्ति प्रबंधन और मॉनिटरिंग में आसानी होगी। पुराने रिकॉर्ड और मौके की स्थिति के मिलान से अनधिकृत कब्जों और भूमि संबंधी विसंगतियों की पहचान में भी मदद मिलेगी।

डिजिटल सिस्टम के जरिए भविष्य में नामांतरण, लीज नवीनीकरण, भवन अनुज्ञा और NOC जैसी नागरिक सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और ऑनलाइन बनाने में सहायता मिलेगी। वहीं सड़क, नाली, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का भी GIS आधारित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

छह चरणों में पूरा होगा डिजिटल सर्वे

परियोजना को छह चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में पुराने दस्तावेजों और नक्शों का डिजिटलीकरण होगा। दूसरे चरण में ड्रोन से हाई-रिजॉल्यूशन मैपिंग की जाएगी। तीसरे चरण में डोर-टू-डोर भौतिक सत्यापन और चौथे चरण में जियो-टैग्ड फोटो एवं संपत्ति संबंधी डेटा जुटाया जाएगा।

पांचवें चरण में पुराने रिकॉर्ड, ड्रोन सर्वे और भौतिक सत्यापन से मिले डेटा को GIS प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जाएगा। अंतिम चरण में डिजिटल डेटाबेस की सुरक्षित होस्टिंग कर वेब आधारित एसेट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के माध्यम से संपत्तियों की मॉनिटरिंग और प्रबंधन किया जाएगा।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। RDA की यह पहल संपत्ति प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में नागरिकों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने का आधार तैयार करेगी।

RDA अध्यक्ष नंद कुमार साहू, उपाध्यक्ष डॉ. जेपी शर्मा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने भी परियोजना को संपत्तियों के आधुनिक और तकनीक आधारित प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

RDA ने नागरिकों से अपील की है कि अधिकृत सर्वे दल के उनके परिसर में पहुंचने पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए सर्वे कार्य में सहयोग करें। सर्वे में शामिल अधिकृत कर्मचारियों के पास RDA द्वारा जारी पहचान-पत्र अनिवार्य रूप से रहेगा।

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