बेमेतरा, 18 सितम्बर। देशभर की प्रत्येक फार्मेसी और मेडिकल स्टोर पर CCTV कैमरे, DVR/NVR सिस्टम तथा अन्य निगरानी व्यवस्था अनिवार्य किए जाने के प्रस्ताव को लेकर ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने सरकार से पुनर्विचार की मांग की है। जिला दवा विक्रेता संघ बेमेतरा के अध्यक्ष दिनेश दुबे एवं सचिव नवीन अग्रवाल ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि AIOCD के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने सरकार को पत्र भेजकर प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर छोटे एवं मध्यम मेडिकल स्टोर संचालकों की व्यावहारिक परेशानियों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। संगठन का कहना है कि देशभर में लाखों केमिस्ट प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित और वैधानिक रूप से दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं।
जिला अध्यक्ष दिनेश दुबे के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेडिकल स्टोर में 6 से 8 CCTV कैमरे, DVR/NVR, स्टोरेज, वायरिंग, इंटरनेट कनेक्शन और नियमित रखरखाव की आवश्यकता होगी। इसके लिए छोटे और मध्यम केमिस्टों पर लगभग 50 हजार से 1 लाख रुपये या उससे अधिक का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ सकता है।
जिला सचिव नवीन अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में इस व्यवस्था को लागू करने में कई व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ सकती हैं। बिजली की अनियमित आपूर्ति, कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी और प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी के कारण 24 घंटे CCTV रिकॉर्डिंग और उसके रखरखाव की व्यवस्था छोटे गांवों में मुश्किल हो सकती है। ऐसे में सभी मेडिकल स्टोर्स पर एक समान अनुपालन लागू करने से छोटे एवं आर्थिक रूप से कमजोर दुकानदारों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
AIOCD ने सरकार से मांग की है कि यदि सार्वजनिक सुरक्षा और नियामकीय व्यवस्था के लिहाज से CCTV निगरानी को आवश्यक माना जाता है, तो इसकी स्थापना और रखरखाव के लिए आवश्यक अवसंरचना अथवा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। संगठन ने वैकल्पिक रूप से अनिवार्य CCTV व्यवस्था पर पुनर्विचार करते हुए व्यावहारिक और अनुपातिक व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है।
जिला दवा विक्रेता संघ बेमेतरा ने कहा कि केमिस्ट समुदाय दवा आपूर्ति से जुड़े नियमों के पालन और सरकार के साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। संघ के अनुसार नए अनुपालन संबंधी प्रावधान तय करते समय छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों की आर्थिक स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।







