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बस्तर में साइबर जागृति अभियान का समापन: 2.29 लाख लोगों को किया जागरूक, 25 लाख के 151 गुम मोबाइल लौटाए

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बस्तर, 05 अक्टूबर। बस्तर पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए गए साइबर जागृति अभियान का समापन किया गया। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा। अभियान के दौरान पुलिस की टीमों ने स्कूल, कॉलेज, विभिन्न संस्थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और ग्राम चौपालों तक पहुंचकर साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान करीब 2 लाख 29 हजार नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई।

अभियान के तहत नागरिकों को OTP, PIN, CVV और UPI PIN जैसी गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। इसके अलावा अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध APK या एप डाउनलोड करने से बचने और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी के नए तरीकों से सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस ने साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने और समय रहते शिकायत दर्ज कराने की अपील भी की।

इसी अभियान के दौरान बस्तर पुलिस के साइबर विभाग ने “Project ReConnect” की पहल की। इसके तहत तकनीकी संसाधनों और साइबर पुलिस की लगातार कार्रवाई के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोन की पहचान कर उन्हें बरामद किया गया। Project ReConnect के तहत करीब 25 लाख रुपये कीमत के 151 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को वापस सौंपे गए।

पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा और सिटी एसपी सुमित कुमार धोत्रे ने लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन सुपुर्द किए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों के चेहरे पर खुशी और संतोष नजर आया। पुलिस के मुताबिक, यह पहल केवल गुम हुई संपत्ति की वापसी तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास भी मजबूत हुआ।

समापन कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों और मोबाइल प्राप्तकर्ताओं को साइबर सुरक्षा संकल्प भी दिलाया गया। लोगों ने OTP, PIN, CVV और अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने, अनजान लिंक से सावधान रहने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

बस्तर पुलिस ने कहा कि साइबर जागृति अभियान का समापन केवल एक अभियान का अंत है, साइबर जागरूकता का नहीं। साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि के प्रति सावधान रहें और साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें।

बस्तर पुलिस का संदेश है— “साइबर अपराध के खिलाफ जागरूक बस्तर, सुरक्षित बस्तर।”

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