रायगढ़, 18 सितंबर 2026। परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के अवतरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री साय ने आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से आत्मीय मुलाकात की। आश्रम की परंपरा के अनुरूप उन्होंने सादगी के साथ पंगत में बैठकर प्रसाद भी ग्रहण किया। इस दौरान आश्रम परिसर में सेवा, साधना और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया। उन्होंने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बच्चों ने विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल और नवाचार प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम जी का जीवन मानवता की सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने आध्यात्मिक साधना को मानव सेवा से जोड़कर समाज के सामने एक ऐसी परंपरा स्थापित की, जिसमें जरूरतमंद और पीड़ित लोगों की सेवा को विशेष स्थान दिया गया। बनोरा अघोर गुरु पीठ इसी सेवा परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बनोरा आश्रम ने आध्यात्मिक चेतना के साथ स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा और मानव सेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं। स्वास्थ्य एवं नेत्र शिविरों के आयोजन, जरूरतमंदों की सहायता और दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियों के माध्यम से आश्रम समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सेवा पहुंचा रहा है।

उन्होंने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर का नया भवन आश्रम की सेवा यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र का महत्वपूर्ण अध्याय है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करेगा। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास, संस्कार, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान और तेजी से बदलती तकनीक का है। बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कमी नहीं है। उन्हें आधुनिक संसाधन और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। विद्यालय में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को दर्शाती है। ऐसे आयोजन बच्चों को नए सवाल पूछने, नए विचार विकसित करने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदना और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अघोरेश्वर भगवान राम जी और बनोरा आश्रम से अपने परिवार के पुराने जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय केदारनाथ साय जी अघोरेश्वर भगवान राम जी के परम शिष्य थे। इसी वजह से बचपन से ही उनके परिवार में अघोरेश्वर भगवान राम जी के प्रति श्रद्धा और उनके सेवा-दर्शन का वातावरण रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव बगिया से रायगढ़ आने-जाने के दौरान उन्हें कई अवसरों पर बाबा के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से उनका स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिलता रहा है। बनोरा आने पर उन्हें हमेशा आत्मीयता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बनोरा आश्रम केवल आध्यात्मिक साधना का केंद्र नहीं है, बल्कि मानव सेवा, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सरोकारों का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। अघोरेश्वर भगवान राम जी ने सेवा, दया, करुणा और सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया, बनोरा आश्रम उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट द्वारा लंबे समय से स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं। नए विद्यालय भवन के माध्यम से आश्रम की सेवा परंपरा में शिक्षा का एक और महत्वपूर्ण आयाम जुड़ गया है।
अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा द्वारा निर्मित अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर का नया परिसर करीब 8 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। लगभग एक लाख वर्गफीट में निर्मित जी प्लस-2 भवन में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विद्यालय में 41 कक्षाएं और 9 आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं। इसके अलावा पुस्तकालय और स्मार्ट क्लास की सुविधा भी उपलब्ध है।
नर्सरी कक्षा के बच्चों के लिए खेल सामग्री और गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था की गई है। विद्यालय के संचालन के लिए 32 शिक्षकों और 14 कार्यालयीन कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों से युक्त यह विद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
अघोरेश्वर भगवान राम जी के जीवन-दर्शन में मानव सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। समाज के उपेक्षित, वंचित और पीड़ित लोगों के प्रति संवेदना तथा सेवा को उन्होंने आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण आधार बनाया। कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के बीच जाकर उनकी सेवा और उन्हें सम्मान एवं अपनत्व देने के उनके प्रयास मानव सेवा के उदाहरण के रूप में बताए जाते हैं।
बनोरा आश्रम की स्थापना के बाद से सेवा और साधना की गतिविधियों का लगातार विस्तार हुआ है। करीब तीन दशक पहले पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के मार्गदर्शन में अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट की नींव रखी गई थी। इसके बाद ट्रस्ट और उससे जुड़ी संस्थाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता सुकलाल चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट के पदाधिकारी, संतवृंद, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।







