भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर में नकली शराब के रैकेट का खुलासा होने के बाद अब पुलिस ने नकली तंबाकू खपाने वाले नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक छोटे मालवाहक वाहन से 75 बोरा संदिग्ध नकली तंबाकू जब्त किया है। साथ ही नागपुर के एक व्यक्ति को कथित तौर पर रैकेट का मुख्य सप्लायर और दल्लीराजहरा के एक किराना संचालक को डीलर बताया गया है। दोनों के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया है, हालांकि किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि भानुप्रतापपुर और दल्लीराजहरा क्षेत्र में ‘ऊं सुरेश छाप’ तंबाकू के नाम और मार्का का डुप्लीकेट माल खपाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर 18 सितंबर को पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान छोटा मालवाहक वाहन क्रमांक CG 08 BH 6398 संदिग्ध मिला।पुलिस ने वाहन चालक से पूछताछ की और वाहन में लोड सामान के वैध दस्तावेज मांगे। दस्तावेज पेश नहीं किए जाने पर वाहन को थाने लाया गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वाहन में लदा सामान तंबाकू है और इसके नकली होने की आशंका है।
इसके बाद पुलिस ने तंबाकू के वास्तविक निर्माता और ब्रांड की जानकारी जुटाते हुए भिलाई की ओम आशा पुरी ट्रेडर्स के संचालक नदीम शहबाज से भी जानकारी ली। पूछताछ और जांच के दौरान क्षेत्र में इस मार्का के नकली तंबाकू की सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन के साथ उसमें लदा करीब 75 बोरा तंबाकू जब्त किया।
सप्लायर और डीलर की मिली जानकारी पुलिस के मुताबिक, जब्त माल की सप्लाई नागपुर निवासी सचिन ठाकरे द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। वहीं दल्लीराजहरा निवासी ओम प्रकाश कुकरेजा को डीलर बनाए जाने की जानकारी मिली है। कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने दोनों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 और BNS की धारा 318(4), 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली तंबाकू कहां तैयार किया जा रहा था और इसे किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था।







