रायपुर, 21 अक्टूबर 2026 । छत्तीसगढ़ विधानसभा में आगामी बजट सत्र से पहले बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की तैयारी तेज हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की पहल पर सदन की कार्यवाही को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसके तहत विधायकों की टेबल पर डिजिटल गैजेट्स और टैबलेट लगाए जाएंगे, जिससे सदन की कार्यवाही, प्रश्नोत्तर, बजट और अन्य विधायी दस्तावेज डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो सकेंगे।
विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा के अनुसार, विधानसभा के डिजिटाइजेशन का कार्य अगले तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) से संबंधित प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद विधानसभा में कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम होगी और विधायी कामकाज अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बन सकेगा।
नवा रायपुर के सेक्टर-19 में लगभग 324 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए विधानसभा भवन को अत्याधुनिक ई-सदन के रूप में विकसित किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पदभार संभालने के बाद से ही सदन को डिजिटल बनाने की दिशा में पहल शुरू की थी। इसी के तहत अब विधानसभा की कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।
डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद विधायकों को सदन की दैनिक कार्यसूची, तारांकित और अतारांकित प्रश्नों के उत्तर, विधेयक, बजट संबंधी दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां टैबलेट पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे दस्तावेजों की छपाई पर होने वाला खर्च कम होने के साथ समय की भी बचत होगी। विधायकों को सदन में चर्चा के दौरान आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी।
केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ की अवधारणा के तहत राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) को लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए संसदीय कार्य मंत्रालय, राज्य शासन और विधानसभा सचिवालय के बीच समझौता किया गया है। डिजिटल व्यवस्था के तकनीकी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) को सौंपी गई है। चिप्स को निर्धारित तीन महीने की समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
विधानसभा के आधिकारिक मोबाइल एप को भी अपडेट किया जा रहा है। इसके माध्यम से आम नागरिकों को सदन की दैनिक कार्यसूची, प्रश्नोत्तर, बजट भाषण और विधानसभा की लाइव कार्यवाही की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे विधानसभा की गतिविधियों तक आम लोगों की पहुंच आसान होगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
इसके अलावा नए विधानसभा परिसर में सौंदर्यीकरण सहित अन्य शेष कार्य भी तेजी से कराए जा रहे हैं। परिसर में विशाल उद्यान, बैंक्वेट क्षेत्र और राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ की स्थापना से जुड़े कार्यों की भी निगरानी की जा रही है।
विधानसभा के पूरी तरह डिजिटल होने से छत्तीसगढ़ की विधायी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है। आगामी बजट सत्र से पहले इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित समयसीमा में काम पूरा होने पर विधायक कागजी दस्तावेजों के बजाय डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही में भाग ले सकेंगे।







