रायपुर, 9 अक्टूबर 2026। नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की महानिदेशक निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के कार्यों की सराहना करते हुए राज्य में योजनाओं की निगरानी एवं मूल्यांकन का मजबूत और स्थायी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने इस दिशा में नीति आयोग की ओर से हरसंभव तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग देने का आश्वासन दिया।
शुक्रवार को राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में स्टेट सपोर्ट मिशन के कार्यों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए डेटा आधारित नीति निर्माण, योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई।
गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य में राज्य नीति आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और उनके वास्तविक परिणामों का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग जरूरी है।
बैठक में बताया गया कि योजनाओं के मूल्यांकन के लिए IIM रायपुर और IIT भिलाई की विशेषज्ञता का सहयोग लिया जा रहा है। वहीं, नौ प्राथमिक क्षेत्रों में त्वरित अध्ययन किए जा रहे हैं और अंजोर विजन-2047 की प्रगति की निगरानी के लिए पोर्टल विकसित किया जा रहा है।
राज्य नीति आयोग यूनिसेफ के सहयोग से बाल कल्याण सूचकांक भी तैयार कर रहा है। इसके जरिए बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और समग्र विकास से संबंधित योजनाओं के प्रभाव का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की निगरानी के लिए जिला स्तरीय डैशबोर्ड और परिणाम आधारित बजट व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
निधि छिब्बर ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल उनके क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि हितग्राहियों तक लाभ पहुंचने और अपेक्षित परिणाम मिलने से तय होती है। बैठक में सचिव योजना भुवनेश यादव, संचालक आर्थिक एवं सांख्यिकी तीर्थराज अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।







