0 एसएनए लागू होने के बाद डीईओ- बीईओ की अनदेखी और मनमानी पड़ी भारी, जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग.
कोरबा, 05 नवंबर 2026 । जिले के शिक्षा विभाग में कार्यरत नियमित एवं संविदा कर्मचारियों के लिए इस बार की दिवाली सबसे फीकी साबित हो रही है। अक्टूबर माह का वेतन न मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों में गहरी निराशा और आक्रोश है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार एसएनए प्रणाली लागू होने के बाद से वेतन भुगतान की पूरी प्रक्रिया अटक गई है। आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की अनदेखी एवं मनमानी के कारण समय पर बिल और बिलों का सत्यापन नहीं हो पाया, जिसका खामियाजा सीधे कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। एक संविदा कर्मी ने भावुक होकर बताया कि दिवाली पर हमारा भी मन करता है कि अपने बच्चों के लिए नए कपड़े, मिठाई और पटाखे लाएं। लेकिन वेतन ही नहीं आया तो क्या करें। घर में बूढ़े मां- बाप की दवा तक का पैसा नहीं है। वहीं एक अन्य महिला कर्मचारी ने कहा कि त्योहार के समय किराना दुकानदार भी उधार देने से कतराता है। हम दूसरों के घरों में दीये जलते देख देखेंगे और हमारे घर में अंधेरा रहेगा।
जिला प्रशासन से संज्ञान लेने की मांग
जिले भर के शिक्षा कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर वेतन भुगतान की प्रक्रिया को सरल कराया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि यदि दिवाली से पहले वेतन नहीं मिला तो यह दिवाली उनके लिए जीवन की सबसे बेरंग दिवाली होगी। अब सब कर्मचारियों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे समय रहते इन कर्मचारियों के घरों में दिवाली की रोशनी लौटा पाएगा?







