कोरबा, 31 अक्टूबर 2026। कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए चर्चित सामूहिक दुष्कर्म एवं तिहरे हत्याकांड की उत्कृष्ट विवेचना के लिए तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) योगेश कुमार साहू को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक के लिए चयनित किया गया है। वर्तमान में उत्तर बस्तर कांकेर जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ योगेश साहू को यह राष्ट्रीय सम्मान उनकी प्रभावी अनुसंधान क्षमता और उत्कृष्ट पुलिसिंग के लिए मिला है।
लेमरू थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 06/2021 के तहत पहाड़ी कोरवा जनजाति के एक परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतकों में परिवार के पिता, उनकी नाबालिग पुत्री और नातिन शामिल थीं। इस जघन्य वारदात में सामूहिक दुष्कर्म का मामला भी सामने आया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन सीएसपी योगेश कुमार साहू को विवेचना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
योगेश साहू ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज 24 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों का संकलन और गहन अनुसंधान करते हुए केवल 24 दिनों में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। विवेचना में तत्कालीन कोतवाली टीआई दुर्गेश शर्मा और निरीक्षक एसएस पटेल का भी विशेष सहयोग रहा।
मामले में आरोपियों के खिलाफ हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, आपराधिक षड्यंत्र सहित भारतीय दंड विधान, पॉक्सो अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी।
प्रकरण की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीएससी (पॉक्सो), कोरबा ने 15 जनवरी 2025 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पांच दोषियों को मृत्युदंड और एक अन्य दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में प्रभावी विवेचना और मजबूत साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक की घोषणा की जाती है। यह सम्मान पुलिस एवं सुरक्षा बलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑपरेशन, अनुसंधान, खुफिया सेवा तथा फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किया जाता है।
वर्ष 2026 में अन्वेषण में उत्कृष्टता के लिए योगेश कुमार साहू का चयन कोरबा पुलिस के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। कांकेर और कोरबा पुलिस परिवार ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगा।







