कोरबा। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF (जिला खनिज न्यास) घोटाले की जांच के बीच कोरबा जिले के कटघोरा में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की कार्रवाई से हलचल मच गई है। शुक्रवार को EOW की टीम ने कटघोरा नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल के निवास पर दबिश दी। टीम वार्ड क्रमांक 8 के मोहलाइन भांठा स्थित उनके आवास पर पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरू की। इसके साथ ही एक अन्य ठिकाने पर भी जांच एजेंसी की कार्रवाई किए जाने की सूचना है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, EOW की टीम मौके पर मौजूद रहकर विभिन्न दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। इस कार्रवाई को DMF घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के संभावित पहलू से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, राज जायसवाल के निवास पर तलाशी की वास्तविक वजह और जांच के दायरे को लेकर जांच एजेंसी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि DMF घोटाला छत्तीसगढ़ में पिछले कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आया था। कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास की राशि के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जांच चल रही है। उस समय रानू साहू कोरबा कलेक्टर के पद पर पदस्थ थीं। इस मामले में करीब दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जांच के दौरान तत्कालीन कलेक्टर रानू साहू, माया वारियर सहित कई कारोबारियों और अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बताया जाता है कि संबंधित अवधि में राज जायसवाल कटघोरा विधायक के प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय थे। उस दौरान कलेक्टर कार्यालय में उनकी लगातार आवाजाही भी चर्चा का विषय रही थी। हालांकि, इन परिस्थितियों के आधार पर उन्हें DMF घोटाले में संलिप्त मानना उचित नहीं होगा। उनकी भूमिका को लेकर किसी आधिकारिक निष्कर्ष की जानकारी भी फिलहाल सामने नहीं आई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एक अन्य नगर सैनिक से जुड़े ठिकाने पर भी कार्रवाई की सूचना है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि तलाशी के दौरान जांच टीम को कौन-कौन से दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है।
EOW की कार्रवाई को लेकर कटघोरा में चर्चाओं का बाजार गर्म है। जांच एजेंसी के आधिकारिक बयान और विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वजह तथा DMF घोटाले की जांच से इसके संभावित संबंधों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







