नई दिल्ली ,18 सितंबर: जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम को घोर मिसमैनेजमेंट का सामना करना पड़ा हैय खेल गांव के रूप में इस्तेमाल हो रहे क्रूज शिप में ठहराव के दौरान स्थानीय आयोजकों ने मर्यादा और नियमों को ताक पर रखते हुए जिम्नास्टिक कोच अशोक मिश्रा और भारतीय स्टार महिला जिमनास्ट प्रणति नायक दोनों को एक ही कमरा अलॉट कर दिया. हालांकि, स्थिति बिगड़ती देख भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अधिकारियों ने आधी रात को मोर्चा संभाला.
एशियन गेम्स के बीच बड़ा बवाल
भारतीय स्टार महिला जिमनास्ट प्रणति नायक और जिम्नास्टिक कोच अशोक मिश्रा लगभग 30 घंटे से ज्यादा का थकाऊ हवाई सफर तय करके आधी रात को नागोया पहुंचे थे. लेकिन उनके होश तब उड़ गए जब उन्हें इस अजीबोगरीब अलॉट की जानकारी मिली. जिसके बाद दोनों ने तुरंत इस फैसले का विरोध किया और अलग कमरों की मांग पर अड़ गए. फिर भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने आधी रात को इस मामले को सुलझाया और दोनों की अलग-अलग कमरों में शिफ्ट किया गया.
देर रात बाहर बैठे रहे कोच
इस घटना के साथ-साथ एक और बवाल देखने को मिला. दरअसल, जब कोच अशोक मिश्रा क्रूज शिप के एंट्री पर पहुंचे तो गेट पर मिली पर्ची में उनका नाम दर्ज था और उन्हें अंदर जाने दिया गया. लेकिन असली ड्रामा अंदर रिसेप्शन पर शुरू हुआ. अंदर मौजूद रजिस्टर में उनका नाम चेक किया गया तो कर्मचारियों ने कहा कि उनका नाम लिस्ट में दर्ज ही नहीं है और वो रजिस्टर्ड नहीं हैं. थके-हारे कोच को देर रात 1 से 2 बजे के बीच लगभग 45 मिनट तक बाहर बैठने पर मजबूर किया गया.
बाद में जांच में सामने आया कि रजिस्टर में उनके नाम की स्पेलिंग में ‘MISHRA’ का ‘I’ गायब था और एरर के चलते नाम ‘MSHRA’ दर्ज हो गया था, जिसके कारण सिस्टम में उनका नाम ढूंढना नामुमकिन हो गया था. जिसके बाद आईओए के अधिकारियों ने नागोया में स्थानीय आयोजन समिति से बातचीत की और करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच मसले को हल कराया. व्यवस्था के तहत जिम्नास्ट प्रणति नायक को अलग कमरा दिया गया, वहीं, जिम्नास्टिक कोच अशोक मिश्रा को वेटलिफ्टिंग के हेड कोच विजय शर्मा के साथ कमरा शेयर करने की इजाजत दी गई.







