रायपुर, 19 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में हुए शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के ही साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के अनुसार हत्या की वजह 30 लाख रुपये की उधारी, तीन महीने के ब्याज और पैसों के लेन-देन को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है।
17 सितंबर 2026 को आरंग पुलिस को ग्राम बनचरौदा के पास एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो मृतक के सिर और चेहरे पर धारदार एवं कठोर वस्तु से गंभीर चोट के निशान मिले। मृतक की पहचान शिवकुमार चंद्राकर पिता शंकरलाल चंद्राकर, उम्र 46 वर्ष, निवासी ग्राम रामपुर डंगनिया, थाना गोबरा नवापारा, जिला रायपुर के रूप में हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में आरंग पुलिस ने फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और साइबर टीम के साथ घटनास्थल की बारीकी से जांच की। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक शिवकुमार चंद्राकर और संदिग्ध चंद्रप्रकाश वर्मा दोनों ग्राम कुम्हारी के स्कूल में शिक्षक थे।
ग्रामीणों और चरवाहे से पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि शिवकुमार को घटना से पहले आखिरी बार चंद्रप्रकाश वर्मा के साथ सफेद स्कूटी पर ग्राम बनचरौदा की ओर जाते देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने चंद्रप्रकाश वर्मा की गतिविधियों की जांच शुरू की। कुम्हारी स्कूल के CCTV फुटेज खंगाले गए और शिक्षा विभाग के VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट का भी विश्लेषण किया गया।
पुलिस के अनुसार 17 सितंबर की सुबह करीब 9:35 बजे चंद्रप्रकाश वर्मा स्कूल पहुंचा था। इसके बाद वह निजी काम का बहाना बनाकर बाहर निकल गया। जांच में सामने आया कि घटना के दौरान उसका मोबाइल लोकेशन बंद था। हत्या के बाद वह करीब 12:50 बजे स्कूल वापस लौटा। पुलिस के मुताबिक उसने अपने मोबाइल से VSK ऐप पर लॉगिन नहीं किया और मोबाइल घर पर रह जाने की बात कहते हुए साथी शिक्षक के मोबाइल से अपनी उपस्थिति दर्ज की। VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले।
18 सितंबर को पुलिस ने संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने शिवकुमार चंद्राकर की हत्या करना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि वह और मृतक पिछले करीब चार वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे और रेत, रियल एस्टेट तथा बुलियन मार्केट में निवेश और ट्रेडिंग करते थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने मृतक को करीब 30 लाख रुपये उधार दिए थे। इसके बदले मृतक ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक दिए थे। आरोपी के अनुसार वह इस रकम पर हर महीने ब्याज लेता था, लेकिन पिछले तीन महीने से मृतक ब्याज नहीं दे रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद बढ़ने के बाद आरोपी ने हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक 17 सितंबर को सुबह करीब 10 बजे दोनों की मुलाकात कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास हुई थी। यहां रुपये और ब्याज की वापसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद दोनों ग्राम बनचरौदा के सुनसान इलाके की ओर चले गए। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर चंद्रप्रकाश वर्मा ने अपनी स्कूटी में पहले से रखे धारदार हथियार से शिवकुमार के सिर के पीछे वार किया, जिससे वह गिर गया। इसके बाद हथौड़े से उसके सिर और चेहरे पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त सफेद स्कूटी, धारदार हथियार और हथौड़ा जब्त किया है। इसके अलावा मृतक द्वारा दिए गए तीन ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स, दोनों के मोबाइल फोन तथा आरोपी के घटना के समय पहने हुए खून से सने जूते, मोजे और कपड़े भी पुलिस ने बरामद किए हैं।
आरंग पुलिस ने आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार CCTV फुटेज, VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट, साइबर जांच और अन्य साक्ष्यों की मदद से शिक्षक हत्याकांड की गुत्थी 24 घंटे के भीतर सुलझाई गई।







