रायपुर, 21 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लाखों परिवारों को पक्के मकान का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में योजना के क्रियान्वयन में तेजी आई है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब तक 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 11 लाख 78 हजार आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
राज्य सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के लिए केवल पक्का मकान उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को अब सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 18 लाख 12 हजार जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद प्रदेश में आवास निर्माण की प्रक्रिया को गति दी गई। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 11.78 लाख आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
इसके अलावा आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए विशेष परियोजना के तहत केंद्र सरकार से 15 हजार आवासों की स्वीकृति मिली है। इनमें से राज्य में 5,600 आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नवीन सरकार के गठन के बाद 39 हजार आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 24 हजार आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2024 में आवास प्लस 2.0 का नया सर्वे किया गया था। इसके आधार पर केंद्र सरकार ने 11 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के लिए लगभग 3 लाख 65 हजार नए आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे आने वाले समय में प्रदेश के हजारों अन्य जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान मिलने का रास्ता साफ होगा।
शहरी क्षेत्रों में भी प्रधानमंत्री आवास योजना का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। राज्य में योजना के तहत स्वीकृत 2 लाख 43 हजार आवासों में से लगभग 2 लाख 22 हजार आवास पूर्ण हो चुके हैं। इनमें लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक के 1,93,175 और किफायती आवास साझेदारी (AHP) घटक के 29,267 आवास शामिल हैं।
पिछले ढाई वर्षों में शहरी आवास योजना के तहत बीएलसी घटक के 75,709 और एएचपी घटक के 13,082 आवासों का निर्माण पूरा किया गया है। वहीं एएचपी घटक में 14,687 हितग्राहियों को आवास आवंटित किए गए हैं। इनमें से 12,530 हितग्राहियों को पूर्ण आवासों में व्यवस्थित किया गया है। आवास निर्माण के लिए नगरीय निकायों को 909 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत प्रदेश में 1 लाख 32 हजार नए आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 71,416 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 4,129 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 25,165 आवास निर्माणाधीन हैं। योजना के क्रियान्वयन के लिए नगरीय निकायों को 533.93 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है।
प्रदेश के सभी शहरों में पात्र हितग्राहियों की पहचान के लिए डोर-टू-डोर सर्वे अभियान भी चलाया जा रहा है। तकनीक आधारित सर्वे और स्वीकृति प्रक्रिया के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्य सरकार का कहना है कि पक्के मकानों के साथ बिजली, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, रसोई गैस और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलने से गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों की जगह पक्के आवास बनने से परिवारों को बारिश, गर्मी और ठंड के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिल रही है।







