रायपुर। जिनशासन के अनमोल सितारे आचार्य विद्यासागर महाराज एवं १०३ वर्षीय वयोवृद्ध आचार्य दौलतसागर महाराज के देवलोक गमन से सम्पूर्ण विश्व के जैन जैनेतर समाज में वियोग विषाद और दुःख का वातावरण है। आचार्य द्वय की अपूरणीय क्षति की दुखद समाचार से उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ नगपुरा प्रबंधन के समस्त ट्रस्टीगण को गहरा आघात लगा है तीर्थ प्रबंधन दोनों आचार्य भगवंतो को कोटिश नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है। गजराज पगारिया अध्यक्ष पुखराज दुगड मैनेजिंग ट्रस्टी, वरिष्ठ ट्रस्टी भीखमचद कोठारी, मूलचंद जैन, विजय चोपड़ा, पन्नालाल गोलछा, सुरेश बागमार, पुखराज मुणोत, मनीष मेहता, राजेन्द्र गोलछा, चंद्र कुमार, फतेहपुरिया, सेठ लब्धिनाथ शांतिनाथ पारस ट्रस्ट नगपुरा ने उनके निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
आचार्य विद्यासागर व आचार्य दौलतसागर को उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ नगपुरा के पदाधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

