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SECL में ओएचसी स्टाफ के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण, 54 कर्मियों ने लिया हिस्सा

बिलासपुर, 13 सितम्बर 2026। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के चिकित्सा विभाग की ओर से व्यावसायिक स्वास्थ्य केंद्रों (ओएचसी) में कार्यरत चिकित्सा एवं स्वास्थ्यकर्मियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम 7 एवं 8 सितंबर 2026 को मानव संसाधन विकास संस्थान (एमडीआई-एचआरडी), बिलासपुर में आयोजित हुआ।

प्रशिक्षण का विषय “ऑडियोमीटर, स्पाइरोमीटर एवं ईसीजी में ओएचसी स्टाफ का दो दिवसीय प्रशिक्षण” रहा। इसका उद्देश्य ओएचसी स्टाफ को महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों के संचालन, परीक्षण, अंशांकन और रख-रखाव की आधुनिक एवं मानकीकृत जानकारी उपलब्ध कराना था।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ऑडियोमीटर के माध्यम से श्रवण परीक्षण, श्रवण क्षमता के आकलन, उपकरण के संचालन एवं अंशांकन तथा शुद्ध स्वर श्रवण परीक्षण के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्पाइरोमेट्री के जरिए श्वसन तंत्र के आकलन, स्पाइरोमीटर के संचालन और अंशांकन तथा विभिन्न श्वसन परीक्षणों की मानक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया।

वहीं ईसीजी की मूलभूत प्रक्रिया, उपकरण के संचालन, परीक्षण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, तकनीकी समस्याओं की पहचान और उनके समाधान के बारे में भी प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण को व्यावहारिक बनाने के लिए उपकरणों का प्रदर्शन, चर्चा, संवाद और प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा सेवाएं (सीएमएस) डॉ. श्रुतिदेव मिश्रा की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन रहा। डॉ. दीपक पराढ़कर, डॉ. अरिहंत जैन और डॉ. कौशिक सूत्रधार ने विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रतिभागियों को तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। नोडल अधिकारी, व्यावसायिक स्वास्थ्य डॉ. विवेक शर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 54 ओएचसी स्टाफ सदस्यों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रतिभागियों ने चिकित्सा उपकरणों के संचालन, परीक्षण, अंशांकन और तकनीकी प्रक्रियाओं से संबंधित व्यावहारिक जानकारी हासिल की।

एसईसीएल के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से ओएचसी में उपलब्ध व्यावसायिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने में मदद मिलेगी। चिकित्सा कर्मियों की तकनीकी दक्षता बढ़ने से कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण और व्यावसायिक स्वास्थ्य निगरानी में अधिक सटीकता सुनिश्चित की जा सकेगी। कंपनी द्वारा चिकित्सा कर्मियों की दक्षताओं को लगातार अद्यतन करने के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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