धमतरी, 12 अक्टूबर । आंधी-तूफान व तेज वर्षा से किसानों के तैयार धान फसल जमीन पर चटाई की तरह गिरकर बिछ गई है, इससे किसानों को नुकसान हुआ है। वहीं धान के पौधों पर पानी भरने से फसल के सड़ने की आशंका है। किसानों को अब तेज धूप खिलने के साथ जमीन सूखने व फसल पकने का इंतजार है, ताकि समय पर कटाई कर सके। 10 अक्टूबर को डुबान क्षेत्र के ग्राम चिखली समेत आसपास गांवों में शाम को आंधी-तूफान होने के साथ अच्छी वर्षा हुई है। इससे किसानों के खेतों में पककर तैयार खरीफ धान फसल जमीन पर गिर गई है। धान के बालियों के ऊपर पानी भरने से फसल के सड़ने की आशंका है। इस साल अच्छी वर्षा व खड़ी फसल देखकर किसान अच्छा उत्पादन की संभावना लगाए थे, लेकिन खराब मौसम व वर्षा ने उनके उम्मीदों में पानी फेर दिया।
खेतों से समय पर पानी नहीं सूखा व निकला, तो तैयार धान के पौधों के सड़ने व बालियों के अंकुरण होने की आशंका है, ऐसे में किसान खेतों से पानी निकालने में जुट गए है। वहीं लेट वेरायटी बोने वाले कुछ किसानों के धान फसल जमीन पर गिरने से किसानों को दोहरा नुकसान होगा, क्योंकि इसमें कीट-प्रकोप बढ़ने की आशंका है। साथ ही धान की बालियां निकलने मुश्किल हो जाता है।
आंधी-तूफान से गिरे पेड़
खराब मौसम के बीच हुई तेज आंधी-तूफान व वर्षा से कई जगह पेड़ भी टूटकर गिर गए है। इससे अंचल में घंटों बिजली बंद रहा, इससे ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ गई थी। किसान शिव नाग ने बताया तेज आंधी-तूफान व वर्षा से किसानों के तैयार धान फसल काफी प्रभावित हुआ है, इससे उन्हें भारी नुकसान है। दूसरी ओर जंगली हाथियों से किसान पहले से परेशान है।


