- गौवंश संरक्षण और संवर्धन के साथ कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, जेल अधीक्षक से हुई सकारात्मक चर्चा
बिलासपुर, 06 नवंबर। गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने और गौ-आधारित स्वरोजगार के अवसर विकसित करने के उद्देश्य से सेंट्रल जेल बिलासपुर में पंचगव्य उत्पाद निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की पहल की जा रही है। इस संबंध में प्रांत गौ उत्पाद प्रशिक्षण प्रमुख, गौ सेवा गतिविधि की लालिमा जायसवाल ने जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी से सौजन्य मुलाकात कर विस्तार से चर्चा की।
मुलाकात के दौरान जेल परिसर में पंचगव्य उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण आयोजित कराने का प्रस्ताव रखा गया। इसके तहत गोबर, गोमूत्र एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों से उपयोगी उत्पाद तैयार करने की जानकारी देने के साथ ही व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद लोगों को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना, स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करना तथा गौवंश के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से दीपक, धूपबत्ती सहित विभिन्न पंचगव्य उत्पादों के निर्माण की विधियां सिखाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

इस अवसर पर लालिमा जायसवाल के साथ टीम सदस्य अरुण निर्रेंजक, संध्या भारद्वाज और शैलेन्द्र अग्निहोत्री उपस्थित रहे। टीम ने जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी को पंचगव्य उत्पादों से निर्मित दीपक एवं धूपबत्ती सप्रेम भेंट की तथा दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं।
जेल परिसर में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन से बंदियों को कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।






