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मातृ मृत्यु को रोकने प्रसव में सभी स्टैण्डर्ड प्रोटोकॉल का पालन किया जावे


कोरबा 11 सितंबर 2026 । जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिले में हुई मातृ मृत्यु की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया इस बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला आरसीएच नोडल,जीएमसी, कटघोरा एवं करतला से स्त्री रोग विशेषज्ञ, विकासखण्ड करतला, कटघोरा, कोरबा तथा पोड़ी उपरोड़ा के खण्ड चिकित्सा अधिकारी, विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कोरकोमा, कुदमुरा, कोरकोमा के सेक्टर मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, सीएचओ, आर.एच.ओ.तथा मितानिने उपस्थित थी।


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा जिले में हुए मातृ मृत्यु के संबंध में विस्तार से जानकारी दिया गया। सीईओ जिला पचायत कोरबा के द्वारा विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि सभी गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में शतप्रतिशत पंजीयन, शतप्रतिशत सभी जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान तथा प्रबंधन, 4 था जॉंच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र या मेडिकल कॉलेज में कराया जाना है। यदि कोई गर्भवती महिला का हीमोग्लोबिन 11 एमजी से कम है तो उन्हे प्रत्येक जांच में आयरन फोलिक एसिड, कैल्सियम, विटामिन सी तथा आयरन सुक्रोज का आईवी डॉ कि देखरेख में जरूर दिलवाना है साथ ही महिला की विडियो रिकार्डिग करके रखना है कि उसे प्रत्येक जांच में आयरन सुक्रोज का इंजेक्शन लगाया गया है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आईएफए,कैल्सियम, आयरन सुक्रोज का इंजेक्शन की प्रयाप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित किया जावे। सभी गर्भवती महिलाओं का शतप्रतिशत संस्थागत प्रसव कराना है प्रसव के लिए स्टैडर्ड प्रोटोकॉल का पालन किया जाना है।

मरीज की स्थिती को देखते हुए बिना विलंब किये अगर रेफर करना पड़े तो सभी वाइटल्स (मॉं का ब्लड प्रेशर, पल्स तापमान ओर हीमोग्लोबिन का स्तर) मॉनिटरिंग, गर्भस्थ शिशु की दिल की धड़कन ओर गर्भाशय की पोजीशन जांच करके रेफरल स्लीप में लिखकर पूर्व के सभी जांच की फाईल साथ भेजना है। साथ ही जहॉं रेफर किया जा रहा है वहॉं सूचना दिया जावे। जो रेफर होकर महिला आई है उस संस्था में उसे विशेष देखभाल में रखा जावे। स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसव में आने वाली महिला का पार्टाेग्राफ भरा जाए। प्रसव के पश्चात 48 घंटे हॉस्पीटल में आब्जरवेशन में रखा जावे। जिन महिलाओं/उच्च जोखिम वाली का गर्भवती प्रसव ऑपरेशन से किया जाना हो सामु.स्वास्थ्य केन्द्र या मेडिकल कॉलेज में पूर्व से ही ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना है। जिन गर्भवती महिलाओं का प्रसव की अनुमानित तिथि पार हो जावे उन महिलाओ का एएनएम एवं मितानिन द्वारा डेली फॉलोअप करना है तथा उच्च जोखिम वाली महिला को भर्ती करके फॉलोअप किया जावे। सभी विकासखण्ड के स्टाफ मितानिनों को गर्भवती महिला का प्राथमिक चेकअप तथा एचआरपी की जानकारी देगे स्त्रीरोग विशेषज्ञ। मातृ मृत्यु केसों की प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस दिया जाना है।

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