रायपुर, 11 सितंबर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता, डिजाइन की शुद्धता और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए रायपुर की वास्तुविद फर्म जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो के विरुद्ध कार्रवाई की है। जिला कोरबा में निर्मित कन्वेंशनल हॉल के डिटेल डिजाइन में त्रुटियां और तकनीकी प्रस्ताव में कमियां पाए जाने के बाद मंडल ने फर्म के वर्तमान कार्यों से संबंधित अनुबंध समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में फर्म को कोई कार्य नहीं देने का निर्णय लिया गया है।
मामले में मंडल ने संबंधित फर्म को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। फर्म द्वारा प्रस्तुत पालन प्रतिवेदन और स्पष्टीकरण का अपर आयुक्त ने परीक्षण किया, जिसे संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मंडल ने संबंधित योजनाओं में फर्म के अनुबंध नियमानुसार समाप्त करने की कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
मंडल के निर्देश के तहत जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो द्वारा वर्तमान में विभिन्न संभागों में वास्तुविद संबंधी कार्य की जा रही चार योजनाओं में अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इनमें राजनांदगांव की कैलाश नगर रिडेवलपमेंट योजना, जिला बलरामपुर की रामानुजगंज रिडेवलपमेंट योजना, कबीर नगर फेस-02 की 05 एकड़ भूमि वाली आवासीय योजना तथा जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही की बंधी अटल विहार योजना शामिल हैं।
संबंधित योजनाओं के कार्यपालन अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे फर्म को लिखित रूप से सूचित करते हुए अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई नियमानुसार सुनिश्चित करें। अनुबंध समाप्त होने के बाद इन योजनाओं में फर्म द्वारा किसी भी प्रकार का आगामी कार्य नहीं किया जाएगा। नियमानुसार किसी भी प्रकार के दावे के भुगतान की कार्रवाई भी नहीं की जाएगी।
मंडल ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, तकनीकी शुद्धता और सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। गत दिनों वास्तुविदों की बैठक में भी निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता, डिजाइन की शुद्धता और सुरक्षा मानकों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। बैठक में स्पष्ट किया गया था कि डिजाइन संबंधी त्रुटि पाए जाने पर संबंधित वास्तुविद फर्म की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल की योजनाएं सीधे आम नागरिकों के हितों से जुड़ी हैं। इनमें गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्माण कार्य की शुरुआत से लेकर पूर्ण होने तक डिजाइन, तकनीकी मानकों और गुणवत्ता की जिम्मेदारी से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वास्तुविद फर्मों और संबंधित तकनीकी एजेंसियों को पूरी गंभीरता एवं विशेषज्ञता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।
मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी शुद्धता और सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। डिजाइन अथवा तकनीकी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित फर्म की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मंडल की योजनाओं में गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।







