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BALCO NAGAR:एटक ने मनाया 106वां स्थापना दिवस, कॉमरेड गुरुदास दासगुप्ता को दी श्रद्धांजलि

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बालकोनगर में आयोजित संगोष्ठी में मजदूरों के अधिकार, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष का आह्वान

कोरबा। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) का 106वां स्थापना दिवस बालकोनगर स्थित एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन (एटक) कार्यालय में उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मजदूर आंदोलन के प्रखर नेता एवं एटक के पूर्व महासचिव कॉमरेड गुरुदास दासगुप्ता की छठवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। उपस्थित श्रमिकों एवं यूनियन पदाधिकारियों ने उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम के दौरान संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें मजदूर आंदोलन के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और श्रमिकों के अधिकारों पर विचार व्यक्त किए गए।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य एटक के महासचिव कॉमरेड हरिनाथ सिंह ने कहा कि एटक की स्थापना 31 अक्टूबर 1920 को तत्कालीन बॉम्बे (मुंबई) में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। यह देश का पहला राष्ट्रीय स्तर का ट्रेड यूनियन संगठन है, जिसने श्रमिकों के अधिकारों, बेहतर वेतन, निर्धारित कार्य अवधि और सुरक्षित कार्य परिस्थितियों के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को संगठित करने और उनके अधिकारों को कानूनी मान्यता दिलाने में एटक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

कॉमरेड सिंह ने स्वतंत्रता आंदोलन में एटक के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने ब्रिटिश शासन के दौरान मजदूरों के शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करने के साथ देश की आजादी की लड़ाई में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने साइमन कमीशन के विरोध में लाला लाजपत राय के नेतृत्व में हुए आंदोलन और उनके बलिदान को याद करते हुए कहा कि एटक का इतिहास संघर्ष, त्याग और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का इतिहास है।

उन्होंने वर्तमान राजनीतिक एवं आर्थिक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक विभाजन की चुनौतियां बढ़ रही हैं। शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, वर्तमान समय में मजदूरों और आम नागरिकों के सामने संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक एकता की रक्षा करना बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा कि एटक ने 31 अक्टूबर को संविधान बचाओ, देश बचाओ और लोगों को बचाओ दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने श्रमिकों से एकजुट होकर शोषण, दमन और अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की अपील की।

कार्यक्रम में राज्य एटक के महासचिव कॉमरेड एम.एल. रजक, एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन (एटक) के महासचिव सुनील सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, पवन कुमार वर्मा, अनूप सिंह, संतोषी बरेठ, विजयलक्ष्मी चौहान और मनु लाल लाठियां सहित सैकड़ों श्रमिक उपस्थित रहे। सभी ने मजदूर एकता को मजबूत करने तथा श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित प्रयास करने का संकल्प लिया।

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